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💢साइन अप रजिस्टर💢औरैया। लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे जिले के पांच डॉक्टरों को शासन ने बर्खास्त कर दिया है। इनमें से कोई डॉक्टर आठ तो कोई दस साल से भी अधिक समय से अनुपस्थित चल रहा था।
️मोबाइल विन,संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:41 PM IST
सब्सक्राइब मोबाइल, डूंगरपुर से बाल श्रम के लिए गुजरात ले जाए जा रहे 22 बाल श्रमिकों को रेलवे पुलिस, चाइल्ड लाइन और एक स्वयंसेवी संस्था ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मुक्त कराया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब चित्तौड़गढ़ से गुजरात के असारवा जाने वाली रेल में सभी बच्चे बैठे थे। मामले में 3 दलालों को हिरासत में लिया गया है।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
बागपत। सुन्हैड़ा गांव में दूसरे दिन सोमवार को बागपत ग्रामीण क्रिकेट प्रतियोगिता कराई गई। वहां बड़ागांव की टीम ने मवीकलां को 81 रन से हराकर जीत दर्ज की। विजेता टीम को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
विस्तारFollow Usहटरी बाजार भाटापारा में 13 नवंबर 2025 की रात लगभग 9 बजे एक व्यक्ति द्वारा बछड़े को चाकू से घायल कर दिया गया। सूचना मिलते ही गौसेवकों की मदद से बछड़े का प्राथमिक उपचार कराया गया और उसे सुरक्षित रूप से गौशाला में शिफ्ट किया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 625/2025 धारा 325 बीएनएस एवं पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया।
पुराना कैश,
अल्ट्रा ऑनलाइन विस्तारFollow Usजिले के घाटोल ब्लॉक में गुरुवार का दिन विधवा महिला देवु बाई के लिए उम्मीद और रोशनी लेकर आया। पिछले 14 साल से अंधेरे में जीवन गुजार रही देवु का घर आखिरकार बिजली की रोशनी से जगमगा उठा। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली 50 वर्षीय देवु की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह साल 2011 के बाद बिजली का बिल नहीं चुका पाई और उसका कनेक्शन कट गया। तब से परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर था।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:37 PM IST
गेम इनवाइट, प्रदेश के वागड़ क्षेत्र में अनेक प्राचीन स्थल हैं, जो श्रद्धा, संस्कृति और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन्हीं में से एक है मानगढ़ धाम, जिसे आदिवासी समाज अपनी आस्था और शौर्य का पावन प्रतीक मानता है। यह स्थान केवल धार्मिक भावना से ही नहीं, बल्कि आदिवासियों की अमर शहादत की स्मृतियों से भी भरा हुआ है।







