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💢वीडियो इनवाइट💢पीडीडीयू नगर। तीन दिनों की राहत के बाद जिले में सर्दी का सितम दोबारा बढ़ने लगा है। बीते 24 घंटे के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान रविवार के 21 से गिरकर 19 और न्यूनतम तापमान नौ से घटकर सात डिग्री दर्ज किया गया। वहीं पूरे दिन करीब 14 किलोमीटर की रफ्तार से चली पछुआ हवा के कारण लोगों को ठंड का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में दिन व रात में ठंड बढ़ने की संभावना है।
️बड़ा गेम,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Thu, 27 Nov 2025 08:01 PM IST
वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:44 AM IST
इनवाइट डिपॉजिट, कुमार जितेंद्र ज्योतिUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:38 AM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Mon, 06 Oct 2025 03:37 PM IST
कैश, कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
रजिस्टर कैश कभी खेतों की हरियाली से पहचाने जाने वाला झाड़सिरतोली गांव आज वीरान है। एक समय यहां 30 परिवार साथ रहते थे लेकिन अब पूरा गांव महज एक परिवार के छह लोगों की मौजूदगी पर टिका है। मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों को अपनी जन्मभूमि से दूर जाने को मजबूर कर दिया। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य की तलाश में ग्रामीण हल्द्वानी, दिल्ली और तहसील-जिला मुख्यालयों की ओर पलायन कर गए।
सारबूंदी में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कोतवाली पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। घटना 20 सितंबर को हुई थी, जब सफेद क्रेटा कार में आए अज्ञात हमलावरों ने सुरेश अग्रवाल पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया और फरार हो गए थे।
मासिक डिपॉजिट, दरभंगा महाराज की तीसरी और अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का अंतिम संस्कार श्यामा माई मंदिर परिसर में किया गया। उन्हें महाराज कामेश्वर सिंह की चिता के बगल में विधि-विधान से अंतिम विदाई दी गई। मुखाग्नि महाराज के पोते रत्नेश्वर सिंह ने दी।







