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💢मोबाइल फ्रेंड्स💢बहराइच में पीपल तिराहा पर अलाव जलाकर हाथ सेंकते लोग। -संवाद
️लॉग इन कूपन,आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:18 PM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना स्थगित कर दिया गया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदाPublished by:शिखा पांडेयUpdated Fri, 09 Jan 2026 07:41 PM IST
माताजी के मंदिर में चोरी को लेकर विधायक ने फोन पर एएसपी को लगाई फटकार- फोटो : अमर उजाला
ईज़ी, विस्तारFollow Usबांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखण्ड में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब उपखण्ड अधिकारी राकेश कुमार न्योल और तहसीलदार शंकरलाल मईडा ने विभिन्न राजकीय कार्यालयों का संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई विभागों में अधिकारी-कर्मचारी कार्यस्थल से नदारद मिले, तो कई कार्यालयों पर ताले लटके पाए गए। शनिवार को अधिकारियों की ओर से निरीक्षण से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की गई।
गेट पैलानी थाना क्षेत्र के पचकौरी गांव में एक पिता ने अपने ही डेढ़ वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद, सबूत मिटाने के इरादे से आरोपी पिता ने मासूम के शव को यमुना नदी की बीच धारा में फेंक दिया। इस वारदात के बाद आरोपी पिता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। परिजनों के अनुसार, आरोपी पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है।
सारवागड़ इलाके का जलियांवाला बाग कहा जाने वाला मानगढ़ धाम अपने आप में इतिहास की कई कहानियों को समेटे हुए है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और अन्य राज्यों से हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। जानें ऐसा क्या है खास
क्लिक, हजपुरा (अंबेडकरनगर)। अकबरपुर क्षेत्र के कहरा सुलेमपुर गांव और आसपास के सात गांवों के लोगों के लिए वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या का समाधान होने जा रहा है। बदहाल रास्तों के कारण ग्रामीणों को एक किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी, जो खासकर बरसात के मौसम में और भी विकराल रूप ले लेती थी। जलभराव की स्थिति ऐसी हो जाती थी कि पैदल चलना भी दूभर हो जाता था, जिससे स्कूली बच्चों को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ता था।







