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💢विथड्रॉ💢संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Sat, 10 Jan 2026 01:34 AM IST
️लॉग इन विथड्रॉ,सारमेडिकल में छात्रा की हालत नाजुक है, उसे बचाने के प्रयास चल रहे हैं। मगर चिकित्सकों के स्तर से हाथ खड़े कर दिए हैं। आत्महत्या की कोशिश के कारणों को लेकर भी इंतजामिया व पुलिस टीम जांच में जुट गई है।
विशेष साइन अप, -बलरामपुर में रिंगरोड निर्माण का निरीक्षण करते डीएम व एसपी ।-स्रोत: विभाग
विस्तारFollow Usराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बरेली छावनी परिषद (कैंट बोर्ड) की ओर से सोमवार को मिनी मैराथन का भव्य आयोजन किया गया। कैंट स्थित मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, लेफ्टिनेंट जनरल जीओसी डीजी मिश्रा और छावनी परिषद की सीईओ डॉ. तनु जैन ने हरी झंडी दिखाकर मिनी मैराथन की शुरुआत की।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सरकारी स्कूल का शिक्षक शादी का जाल बिछाकर 50 वर्षीय महिला के साथ 8 साल तक शारीरिक शोषण करता रहा। आखिरकार पीड़िता ने हिम्मत जुटाई, थाने पहुंची और आरोपी रज्जू महिलांग (43) को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह एवं जिला कांग्रेस सरगुजा के जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने शनिवार को राजीव भवन अंबिकापुर में पत्रकार वार्ता करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2005 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम पारित कर ग्रामीण मजदूरों को काम की संवैधानिक गारंटी दी थी, जिससे अब तक 180 करोड़ से अधिक कार्यदिवस सृजित हुए और 10 करोड़ से ज्यादा परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ।
फ्रेंड्स गेम, विस्तारFollow Usअजमेर स्थित ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में खादिमों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। दरगाह कमेटी की अधिसूचना के अनुसार आवेदन की अंतिम तारीख 5 जनवरी 2026 तय की गई है, लेकिन अब तक नाजिम कार्यालय में एक भी आवेदन जमा नहीं हुआ है। अंतिम तारीख नजदीक होने के बावजूद प्रक्रिया ठप नजर आ रही है।
मेगा कम्पलीट सारAjmer:मीर ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब और मेहनतकश लोगों के लिए रोजगार और कानूनी मजदूरी अधिकार की गारंटी था। नई योजना उस अधिकार-आधारित ढांचे को कमजोर करती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचेगी।
छोटा गेट, आजमगढ़ जिले के एक स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें छोटे-छोटे बच्चों को मजहबी सवाल-जवाब सिखाते हुए सुना जा सकता है। वीडियो में स्कूल ड्रेस पहने पांच से छह साल के बच्चे खड़े नजर आ रहे हैं, जबकि शिक्षिका का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन उनकी आवाज स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुई है।







