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💢लाइक वॉच💢श्रवणक्षेत्र (अंबेडकरनगर)। मातृ-पितृ भक्त के रूप में प्रसिद्ध श्रवणधाम के संगम तट पर शनिवार को विशेष सफाई अभियान चलाया गया। नदी किनारे उगी अनावश्यक झाड़ियों की कटाई-छंटाई कराई गई, साथ ही घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों की व्यापक साफ-सफाई की गई।
️गोल्ड स्टूडेंट,सारबाड़मेर में फीस बढ़ोतरी के विरोध के दौरान कलेक्टर टीना डाबी पर टिप्पणी के बाद पुलिस एबीवीपी नेताओं को थाने ले आई। इससे विवाद बढ़ गया। प्रशासन और पुलिस की वार्ता के बाद माफी मांगकर मामला शांत कराया गया।
सारछात्राओं के रोते-बिलखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे। तनाव के बीच दो छात्राओं की तबीयत बिगड़ी और उन्हें सीएचसी में भर्ती करवाया गया।
मेगा डिपॉजिट, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी व्यक्ति की शिकायत पर विद्यालय के कर्मचारी के खिलाफ जांच करने के मामले में नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए अगली तिथि पर एडीजी (एसटीएफ) को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का आदेश दिया है। साथ ही संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य व प्रबंधक को भी सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने जय चंद्र मौर्य की याचिका पर दिया है।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:47 AM IST
दरियाबाद के रसूलपुर कलागांव में सिलाई का काम सिखातीं रिशा।
विथड्रॉ बोनस, बांदा।पैलानी थाना क्षेत्र के पचकौरी गांव में पांच जनवरी की रात तकरीबन 10ः30 बजे, डेढ़ वर्षीय बेटे कार्तिक की गला दबाकर हत्या कर शव यमुना नदी में फेंकने वाले आरोपी पिता राजेंद्र को पुलिस ने जेल भेज दिया है। गिरफ्तारी के बाद शनिवार को पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल पचकौरी घाट ले जाकर जांच की।
लॉग इन पॉइंट्स MaharashtraDonald Trumpविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिCivic Pollsयूपी
सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।
साप्ताहिक अर्न, चार गांवों में निर्माण कार्य पूरा और शेष गांव में अंतिम चरण में







