छोटा डाउनलोड
गोल्ड कूपन
कूपन फ्री, Inc
पॉइंट्स रिवॉर्ड्स
💢गेट रिसीव💢पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह एवं जिला कांग्रेस सरगुजा के जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने शनिवार को राजीव भवन अंबिकापुर में पत्रकार वार्ता करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2005 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम पारित कर ग्रामीण मजदूरों को काम की संवैधानिक गारंटी दी थी, जिससे अब तक 180 करोड़ से अधिक कार्यदिवस सृजित हुए और 10 करोड़ से ज्यादा परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ।
️विथड्रॉ गेम,विस्तारFollow Usबालोद जिले के ग्राम मालीघोरी में अंतरराष्ट्रीय स्तर के रोवर रेजर जंबूरी की कमान इस बार बालोद जिले को मिली है लेकिन शुरुआती दौरान में जो अस्थाई निर्माण कार्य किए जा रहे हैं वो निर्माण के साथ ही विवादों में पड़ता नजर आ रहा है दरअसल निर्माण कार्य के लिए जो बीड भरा गया था उसकी तारीख खुलने की थी 20 दिसंबर शाम 5 बजकर 30 मिनट लेकिन ठेकेदार अपने काम को लेकर इतने आश्वस्त नजर आए कि बीड खुलने से पहले की काम शुरू कर दिया गया अब स्वास्थ्य उठता है कि काम किसे देना है ये पहले से तय था और यदि तय था तो जेम पोर्टल का आडम्बर सरकारी खर्च क्यों किया गया।
विशेष गेम, विस्तारFollow Usबालाघाट जिले के लालबर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मिरेगांव में सोमवार देर रात लूट की सनसनीखेज घटना सामने आई। पूर्व सरपंच छोटेलाल गौतम के घर तीन नकाबपोश बदमाश घुस आए और मारपीट कर सोने के जेवर व नकदी लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद गांव में भय का माहौल है।
आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राएं और कॉलेज में लगे हुए पोस्टर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Fri, 07 Nov 2025 12:48 PM IST
इनवाइट डिस्काउंट, विस्तारFollow Usबालोतरा जिले के गिड़ा थाना पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने के गंभीर मामले में चार माह से फरार चल रहे एक वांटेड हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
गोल्ड कलेक्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुरPublished by:अनूपपुर ब्यूरोUpdated Wed, 10 Dec 2025 04:56 PM IST
सारअल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की कमी के बीच आठ असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती से चिकित्सा सेवाओं और मेडिकल छात्रों की पढ़ाई को राहत मिली है।
ट्रांसफर ऐप, अमेठी सिटी। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर परिश्रम, अनुशासन और नवाचार से पहचान बनाना आसान नहीं होता। इस कठिन राह पर चलते हुए अर्चना मौर्या ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया और सफलता का मुकाम हासिल किया। वर्ष 2009 में सीतापुर में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के साथ उनका शैक्षिक सफर शुरू हुआ। वर्ष 2012 में जनपद अमेठी में स्थानांतरण के बाद उन्होंने बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया।







