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💢अतिरिक्त फ्रेंड्स💢आलापुर के महेशपुर मंडप गांव में मत्स्य पालक की मौत के बाद जमा ग्रामीणों की भीड़।
️विथड्रॉ विज़िट,अनूपपुर जिला मुख्यालय में ओवर ब्रिज निर्माण का कार्य बीते 8 वर्षों से जारी है, लेकिन आज तक इसका कार्य अधूरा है। लगातार दो विभागों के बीच जारी खींचतान के कारण काफी आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के बावजूद कार्य की रफ्तार में कोई सुधार नहीं होने से नगरवासी पूरी तरह से मायूस हैं। नगर के विकास को रफ्तार देने के लिए फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का यह कार्य किया जा रहा था, लेकिन आज तक यह कार्य अधूरा ही है, जिसकी वजह से अनूपपुर नगर दो हिस्सों में विभाजित हो गया है। एक हिस्से पर जिला चिकित्सालय, न्यायालय भवन तथा स्कूल और कॉलेज है तो दूसरे हिस्से पर कलेक्ट्रेट सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय तथा मुख्य बाजार है।
गौरीगंज के पलिया वार्ड में बना पुलिस लाइन का मुख्य द्वार। -संवाद
रिवॉर्ड्स, विस्तारFollow Usपोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार गला रेते जाने से प्रेमी युगल की मौत हुई है। साथ ही शरीर पर कई जगह पिटाई के निशान भी पाए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद गांव गढ़िया सुहागपुर में युवक का शव पहुंचते ही चीत्कार मच गया।
अमरोहा। सरकारी अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों को बीमारियों की जांच व इलाज कराने के लिए लाइन में घंटों इंतजार करना पड़ता है। डॉक्टरों की भर्ती होने के बाद मरीजों की समस्या दूर होगी। सोमवार को भर्ती के लिए एमबीबीएस डॉक्टरों के इंटरव्यू होंगे। इन इंटरव्यू पर पिछले दिनों डीएम ने रोक लगाई थी। इसके बाद 12 जनवरी की तारीख निर्धारित की गई थी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुरPublished by:अनूपपुर ब्यूरोUpdated Sun, 28 Sep 2025 07:54 PM IST
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रविवार की शाम बैठक कर कस्बे में धर्मस्थलों के पास मीट की बिक्री पर रोष जताया। कहा कि मीट बिक्री की दुकानें धर्मस्थलों से पांच सौ मीटर दूर कराई जाएं। इसके साथ ही सभी मीट विक्रेताओं के यहां आकस्मिक जांच किए जाने की भी मांग की।
टास्क,
अल्ट्रा इनवाइट जिले के ग्राम तलवाड़ा डेब में शादी के पांच साल बाद परिवार में जन्मी बच्ची की मौत ने पूरे परिवार को शोक में डाल दिया है। नविता पति राहुल कर्मा के यहां 29 दिन पहले बेटी का जन्म हुआ था। 16 नवंबर को बच्ची की तबीयत खराब होने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से जच्चा और बच्चा दोनों को इंदौर रैफर किया गया लेकिन 108 एंबुलेंस रास्ते में ही खराब होने से बच्ची को दूसरे वाहन में इंदौर ले जाना पड़ा। इसी दौरान बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने एंबुलेंस के खराब होने के कारण देरी होने पर बच्ची की मौत और चालक पर अभ्रदता का भी आरोप लगाया है।
सारआने वाले कुछ दिनों तक राहत का यह सिलसिला जारी रह सकता है। हालांकि जनवरी का महीना अभी बाकी है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है।
कलेक्ट इंस्टेंट, वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:37 PM IST







