दैनिक ट्रांसफर
बोनस
गेट, Inc
पॉइंट्स मोबाइल
💢छोटा डिस्काउंट💢विस्तारFollow Usभिंड में सोमवार को मिहोना बायपास पर एसडीएम की गाड़ी को रेत माफिया के ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। एसडीएम विजय सिंह यादव अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई करने पहुंचे थे। गनीमत रही कि इस दौरान किसी को चोट नहीं आई। एसडीएम की गाड़ी को आगे से नुकसान हुआ है।पुलिस ने मौके से रेत से भरी दो ट्रॉलियां जब्त की हैं।
️कूपन,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:शबाहत हुसैनUpdated Thu, 27 Nov 2025 08:01 PM IST
कलेक्ट ऑफर, सीएम साय ने करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात दी- फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़। शहर में अवैध वेंडरों की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम अब सीसीटीवी निगरानी और नए आईडी कार्ड सिस्टम की मदद लेने जा रहा है। नगर आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि शहर के प्रमुख बाजारों और वेंडिंग जोन में सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके माध्यम से अवैध रूप से दुकान लगाने वाले वेंडरों को चिन्हित कर हटाया जाएगा।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
चकिया। चकिया से वाराणसी के लिए चलने वाली रोडवेज बस सेवा चार महीनों से बंद है। इससे प्रतिदिन 200 से अधिक यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए वाराणसी इलाज, पढ़ाई और रोजगार का प्रमुख केंद्र है, लेकिन नियमित रोडवेज परिवहन की बस सेवा न होने से समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।
प्लेटिनम फ्री,
लॉग इन शेयर हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी के बाद भी बिलासपुर में कार पर स्टंटबाजी नहीं थम रही है। बिलासपुर के न्यू रिवर व्यू रोड में कार की छत पर स्टंट करने का नया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसे लेकर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि रील्स बनाने के चक्कर में युवा जान जोखिम में डालकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। कोर्ट ने कलेक्टर बिलासपुर, एसपी बिलासपुर और राज्य शासन से मामले में जवाब मांगा है।
कलेक्ट, विस्तारFollow Usबलरामपुर तहसील कार्यालय में दस्तावेजों के एवज में अवैध धन मांगने का एक गंभीर मामला सामने आया है। टांगरमहरी निवासी दीपक यादव ने तहसील कार्यालय के समक्ष तख्ती लेकर धरना प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि तहसील कार्यालय में पदस्थ एक बाबू और चौकीदार ने उन्हें अधिकार अभिलेख जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए ₹500 की रिश्वत मांगी, जबकि इसके लिए निर्धारित सरकारी शुल्क मात्र ₹10 था। दीपक यादव के पास ₹200 ही उपलब्ध थे और वह शेष ₹300 के लिए राजस्व अधिकारियों से “भीख” मांगने की बात कहते हुए धरने पर बैठे थे।







