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💢कूपन वेरिफाई💢वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:50 PM IST
️सर्वे,अल्मोड़ा। अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने 12 जनवरी को होने वाली भूख हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया है। संघ के जिलाध्यक्ष हीरा सिंह मेहरा ने इस मामले में प्रभारी मुख्य शिक्षाधिकारी को ज्ञापन दिया है।
विस्तारFollow Usबालोतरा जिले के गिड़ा थाना पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने के गंभीर मामले में चार माह से फरार चल रहे एक वांटेड हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
ईज़ी, अशोकनगर के नईसराय थाना क्षेत्र के एक गांव में एक मूक बधिर नाबालिग बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पड़ोसी गांव के तीन युवक बच्ची को घर से कुछ दूर खेत में लेकर गए। इसके बाद ये वारदात की।घटना के दौरान किसी व्यक्ति की नजर उन पर पड़ी, जिसने आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया। हालांकि, आरोपी मौके से भागने में सफल रहे। इसके बाद बच्ची अपने घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची और पीड़िता को देर रात थाने ले गई।
सारMP:प्रारंभिक जांच में टैंकर से 600 से अधिक पेटियां अंग्रेजी शराब बरामद होना सामने आया है। पुलिस का अनुमान है कि जब्त माल की कीमत बाजार में कई करोड़ रुपये हो सकती है। शराब के ब्रांड और सटीक मात्रा की पुष्टि के लिए आबकारी विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया है।
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Fri, 09 Jan 2026 10:56 PM IST
ईज़ी पैसे, मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:56 AM IST
मासिक सब्सक्राइब विस्तारFollow Usउच्च शिक्षा निदेशक का चयन अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित चयन समिति करेगी। इस संबंध में शासन के विशेष सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने निर्देश दिया है। अब चयन प्रक्रिया उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा (समूह ‘क’) सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली-2008 के प्रावधानों के अनुसार होगा।
मेडिकल में छात्रा को देखने पहुचीं एएमयू कुलपति प्रो. नईमा खातून- फोटो : विवि
पॉइंट्स लाइक, विस्तारFollow Usप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।







