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💢गोल्ड गेट💢वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:15 AM IST
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बिजनौर में गांधी पार्क में उपवास पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ता। संवाद
कैश, विस्तारFollow Usपटना समेत कई जिलों में धूप ने ठंड से थोड़ी राहत दी है। यह स्थिति पांच दिनों तक रहेगी। इस कारण न्यूनतम तापमान में भी दो से तीन डिग्री तक वृद्धि होगी। हालांकि, धूप रविवार को भी निकली थी लेकिन ठंड से राहत नहीं मिली थी। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक ठंड समस्तीपुर में पड़ी। यहां का न्यूनतम तापमान चार डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा 15 जिलों का तापमान साढ़े आठ डिग्री से कम रहा। शाम होते ही एक बार फिर कनकनी बढ़ने लगेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य में फिलहाल मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा और अगले पांच दिनों तक दिन में खिली धूप निकलने की संभावना है, जबकि सुबह के समय कुहासा धीरे-धीरे कम होगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 17 जनवरी के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद ठंड बढ़ेगी। आसमान में बादल भी छाए रहने के आसार है। कुछ इलाकों मेें बूंदाबांदी भी हो सकती है।
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लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड लोहाघाट के ग्राम पंचायत पाटन पाटनी के कनेड़ा, प्रेमनगर तोक में हर घर नल हर घर जल योजना के कार्य में हो रही देरी होने पर ग्रामीणों ने गहरी नाराजगी जताई है। आक्रोशित ग्रामीणों ने जल संस्थान के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। योजना का कार्य शीघ्र पूरा न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
बदायूं। किसानों ने खेतों के चारों ओर लोहे के तारों से तारबंदी की हुई है, कुछ ने तो अपने खेत की मेड़ों पर लोहे के टिनशेड भी लगा रखे हैं, बावजूद इसके छुट्टा पशु इन्हें तोड़कर खेतों में घुस फसल नष्ट कर जा रहे हैं। मजबूरी में किसानों को भीषण सर्दी में खेतों में घूमकर और मचानों पर जागकर पहरा देना पड़ रहा है। खेत की रखवाली के दौरान छुट्टा पशु हमलावर भी हो जाते हैं, ऐसे में उन्हें अपनी जान का भी खतरा रहता है।
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टास्क अर्न पटना और मुजफ्फरपुर में घना कोहरा छाया रहा।- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:43 AM IST
ट्रांसफर इनवाइट, विस्तारFollow Usबीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।







