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💢सर्वे💢चंडीगढ़। शहर में अवैध वेंडरों की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम अब सीसीटीवी निगरानी और नए आईडी कार्ड सिस्टम की मदद लेने जा रहा है। नगर आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि शहर के प्रमुख बाजारों और वेंडिंग जोन में सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके माध्यम से अवैध रूप से दुकान लगाने वाले वेंडरों को चिन्हित कर हटाया जाएगा।
️सर्वे डाउनलोड,सिकंदराबाद नोटिस के विरोध में दुकान बंद कर विरोध करते व्यापारी। संवाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:बुरहानपुर ब्यूरोUpdated Sun, 24 Aug 2025 08:42 AM IST
गोल्ड कम्पलीट, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव तथा भाजपा नेता गिरिराज सिंह- फोटो : अमर उजाला
रामपुर गंगा घाट से मिर्जापुर जिले को जोड़ने वाले पीपा पुल पर करीब दो महीने बाद शनिवार को पूरी तरह से आवागमन शुरू हो गया है। पुल चार पहिया वाहन चालकों के लिए भी खोल दिया गया है। अब तक केवल बाइक सवार व पैदल ही लोगों पीपा पुल से होकर गुजरते थे। शनिवार को चकरप्लेट का काम पूरा होते ही आवागमन बहाल हो गया।
लुधियाना में लूटAmritsarShahdol NewsBihar NewsJalandharरेवाड़ी में पुलिस की बड़ी कार्रवाईChhindwara NewsMP NewsMunger NewsBihar
गांव धनाना में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण कुमार का अभिनंदन करते ग्रामीण।
ऐप विज़िट, गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:40 PM IST
प्रीमियम फ्रेंड्स विस्तारFollow Usबिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री बनते ही विभागीय सिस्टम को सुधारने मेंभ्रष्टाचार की जमीन खोदने लगे। लिहाजा भ्रष्ट अधिकारी और भूमाफियाओं के बीच हड़कंप मच गया। लेकिन इसके बाद भी समस्तीपुर में भू माफियाओं के द्वारा रिटायर्ड फौजी को फर्जी तरीके से कागजों में मृत घोषित कर उनकी जमीन हड़पने की कोशिश करने का मामला सामने आया। यहां तक कि वह सीमा पर दुश्मन देश से लड़ने वाला फौजी अपने ही प्रदेश में सीने पर “साहेब मैं जिंदा हूँ”लिखी तख्ती लगाकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पर मजबूर हो गया। अब ऐसा ही मामला भागलपुर से सामने आया है, जहां भू-माफियाओं ने करीब 9 साल पहले मर चुकी एक महिला को सरकारी दस्तावेजों में 'जिंदा' कर दिया और फिर फर्जी शपथपत्र के जरिए जमीन का दाखिल-खारिज भी करा लिया। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासनिक अधिकारी भी हैरान हो रहे हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी पीडीडीयू नगर। रौबदार कद काठी, भारी आवाज और चेहरे पर ताव देती मूंछे, यही कभी पुलिस की पहचान हुआ करती थी। खास तौर पर मूंछ का पुलिस में विशेष महत्व होता था। मूंछों को मेंटेन करने के लिए विभाग में इसके लिए अलग से भत्ता तक दिया जाता है लेकिन चंदौली जिले में इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक एक भी पुलिसकर्मी ऐसा नहीं हो जो मूंछों को ताव देता हो।
मासिक फ्री, तीसरी और चौथी रेललाइन के निर्माण को मंजूरी- फोटो : अमर उजाला







