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💢डिस्काउंट विन💢विस्तारFollow Usडूंगरपुर से बाल श्रम के लिए गुजरात ले जाए जा रहे 22 बाल श्रमिकों को रेलवे पुलिस, चाइल्ड लाइन और एक स्वयंसेवी संस्था ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मुक्त कराया है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब चित्तौड़गढ़ से गुजरात के असारवा जाने वाली रेल में सभी बच्चे बैठे थे। मामले में 3 दलालों को हिरासत में लिया गया है।
️अर्न टास्क,
उन्नाव रेप केस में न्यायालय के फैसले और अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा नेताओं के नाम सामने आने के बाद निष्पक्ष जांच एवं सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर महिला कांग्रेस सरगुजा ने शहर में कैंडिल मार्च निकाला और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। शहर जिलाध्यक्ष सीमा सोनी ने आरोप लगाया कि महिलाओं के विरुद्ध गंभीर अपराधों में लिप्त आरोपियों को संरक्षण मिलने से समाज में गलत संदेश जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का यह रवैया महिला अपराधों को बढ़ावा देने वाला है। घड़ी चौक पर मोमबत्ती जलाकर महिला कांग्रेस ने अपना आक्रोश व्यक्त किया।कार्यक्रम में संध्या रवानी, गीता प्रजापति, रुही गजाला, प्रीति सिंह सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
विन कूपन,
उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के मेडिकल संस्थानों की बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) की फर्जी डिग्री बेचने के मामले में अहम खुलासा हुआ है। एसटीएफ की जांच में पता चला है कि आरोपी मोहम्मद तारूक ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों के करीब 60 से 70 लोगों को बीएएमएस की फर्जी डिग्रियां बेची हैं।
डिपॉजिट कैश, लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि
नया विन कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सारAzamgarh News:आजमगढ़ की पुलिस ने चोरी के मामले का महज छह घंटे में पर्दाफाश किया है। 20 साल पुराने कर्मचारी ने दुकान में चोरी के बाद पीछे की दीवार तोड़ दी, ताकि लोगों को शक न हो।
ऑफर कम्पलीट, विस्तारFollow Usराजस्थान प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बालोतरा जिले के गिड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सामने आ रहे हालात इन दावों की सच्चाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यहां नियमों को ताक पर रखकर मरीजों को सरकारी दवाइयों के बजाय निजी मेडिकल से बाहरी दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आरोप है कि यह पूरा खेल कुछ चिकित्सकों और निजी मेडिकल संचालकों की आपसी मिलीभगत से संचालित हो रहा है।







