कैश फ्री
अर्न वीडियो
नया वेरिफाई, Inc
साप्ताहिक डाउनलोड
💢साइन अप गेम💢मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत का आंकड़ा 16 तक पहुंच चुका है। छिंदवाड़ा जिले में 14 बच्चों की मौत के बाद अब बैतूल जिले के आमला ब्लॉक में दो मासूम बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में इन बच्चों की मौत का कारण भी किडनी फेल होना बताया जा रहा है। दोनों बच्चों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ही डॉ. प्रवीण सोनी के पास हुआ था। परासिया में बच्चों की मौत के मामले में डॉ. सोनी को गिरफ्तार किया जा चुका है।
️कलेक्ट वेरिफाई,बाढड़ा। गांव हड़ौदी में सड़क हादसे की 24वीं बरसी पर बलिदानी स्मारक पर सोमवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर शहीद किसानों को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। श्रद्धासुमन अर्पित करने वाले किसान संगठनों ने किसान को कर्जमुक्त करने, हादसे के पीड़ित परिवारों को तुरंत पांच-पांच लाख की आर्थिक मदद व रोजगार मुहैया करवाने, वर्ष 2023 के बकाया मुआवजा जारी करने, किसान नेता रवि आजाद प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाने, गांव के ग्रामीणों की लंबित बिजली समस्याओं व किसानों की अनदेखी पर सरकार से जल्द ही सुध लेने की अपील की। गांव हड़ौदी स्मारक परिसर में भाकियू अध्यक्ष हरपाल सिंह भांडवा की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता राजकुमार हड़ौदी ने कहा कि यह क्षेत्र किसान व नौजवान की जन्मभूमि कर्मभूमि है और जब -जब प्रदेश में किसान का शोषण हुआ है तो यहां पर क्रांति का बिगुल बजा है।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में मंगलवार को 34 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया ।इनमें सात महिला और 27 पुरुष कैडर हैं। ये कैडर दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी), तेलंगाना स्टेट कमेटी और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर डिवीजन में सक्रिय थे।
नया विज़िट, अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:राहुल तिवारीUpdated Mon, 29 Dec 2025 07:38 PM IST
प्रेम प्रसंग में निकाह से पहले जिस युगल ने ताउम्र साथ निभाने की कसमें खाईं, वह दो सप्ताह में ही जुदा होने को मजबूर हो गए। दोनों ने घरवालों की रजामंदी से पहले तो निकाह किया, फिर आपसी मनमुटाव के बाद अलग रहने का रास्ता चुन लिया। इसे लेकर ग्रामीणों की पंचायत भी हुई। पंचायत में भी दोनों एक साथ रहने को तैयार नहीं हुए।
भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
नया विन, TOP NewsBangladeshUSमंत्री विक्रमादित्य की फेसबुक पर टिप्पणीआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
गेम इनवाइट चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:10 AM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
इंस्टेंट सर्वे,







