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💢डिपॉजिट टास्क💢बागेश्वर। सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों का सफर शुरू होने से पहले ही फिर से दुश्वारियों के गर्त में चला गया है। बड़े ही तामझाम और फूल-मालाओं के साथ शुरू हुई खुनौली-हल्द्वानी केमू बस सेवा महज तीन दिन बाद ही सफेद हाथी साबित हो गई। उद्घाटन के शोर के बीच शुरू हुई यह सेवा अब ठप है। क्षेत्र के ग्रामीणों को सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
️स्टूडेंट,जिले के नईसराय थाना क्षेत्र में 10 साल की मूक-बधिर से हुए दुष्कर्म के मामले में लोगों में भारी आक्रोश है। घटना को लेकर मंगलवार को विभिन्न समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय तक रैली निकालकर दोषियों को फांसी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कलेक्टर आदित्य सिंह ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बाह। बिजकौली के बेसमेंट हादसे में मृतकों के परिजन से संवेदना जताकर बाह की विधायक पक्षालिका सिंह ने तहसील प्रशासन को मुआवजे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। बिजकौली गांव में 14 दिसंबर को निर्माणाधीन बेसमेंट की ढ़ही दीवार के मलबे में 7 लोग दब गए थे। जिनमें से हीरालाल एवं योगेश कुमार उर्फ योगेंद्र की मौत हो गई थी। उत्तम सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सुनील कुमार, रामेंद्र सिंह, कल्लू घायल हुए थे। सोमवार को बाह की विधायक पक्षालिका सिंह बिजकौली गांव में पहुंची, बेसमेंट हादसे की जानकारी ली। मौके से ही तहसील प्रशासन से बात की और मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। इस दौरान बाह के ब्लॉक प्रमुख लाल सिंह चौहान, सुनील बाबू, चंदू भदौरिया, धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, अल्केंद्र सिंह जादौन, जयपाल सिंह आदि रहे।
कलेक्ट विज़िट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदाPublished by:शिखा पांडेयUpdated Mon, 12 Jan 2026 06:39 PM IST
73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
हल्द्वानी ब्यूरोUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:49 PM IST
सर्वे ऐप, अमर उजाला नेटवर्क, बागपतPublished by:मोहम्मद मुस्तकीमUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:42 PM IST
मोबाइल विस्तारFollow Usसीजीपीएससी 2024 के रिजल्ट आ गए है, इस परीक्षा में सरगुजा जिला के सीतापुर क्षेत्र से दो लोगों ने अपना स्थान बनाया है। अनुसूचित जनजाति वर्ग में चंचल पैकरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा मंयक मंडावी ने एस टी कैटेगरी में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
फोटो-37-विकास भवन में बने कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर कैमरे लाइव नजर आए। संवाद
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