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💢कमेंट विथड्रॉ💢भाटापारा में दीपावली पर्व के पश्चात पारंपरिक रूप से आयोजित होने वाली गोवर्धन पूजा और राउत नाचा के माध्यम से स्थानीय रामसागर पारा में मातर मड़ई मेला धूमधाम से संपन्न हुआ। इस अवसर पर विधायक इन्द्र साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक इन्द्र साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को संजोकर रखने में यादव समाज का बड़ा योगदान है, जिसे मैं नमन करता हूं।
️सिल्वर ऑफर,विस्तारFollow Usउत्तर प्रदेश में विक्षोभ के असर से मौसम का मिजाज बदल गया है। शुक्रवार को सुबह नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर में हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं मथुरा में बूंदाबांदी के साथ ओले भी गिरे। तराई व पश्चिमी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा रहा। पूर्वानुमानों के मुताबिक, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिन चढ़ने के साथ गुनगुनी धूप खिली। साथ ही कई जिलों में दिन के तापमान में हल्की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, यूपी के बहराइच जिले से स्कूलों को लेकर अपडेट सामने आया है। अभी स्कूल बंद चल रहे हैं।आइए जानते हैं कब खुलेंगे स्कूल?
ईज़ी, बागेश्वर के कपकोट-भराड़ी में उत्तरायणी कौतिक की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। केदारेश्वर मैदान में झूले-चरखे लगने लगे हैं। पहली बार मेले में चांचरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। विजेता टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार के रूप में मिलेंगे। मेले के आयोजन स्थल केदारेश्वर मैदान में दुकानें लगने लगी हैं। भराड़ी के मां बाराही मंदिर में मंच सज्जा का काम चल रहा है। इस साल नगर पंचायत ने मेलार्थियों के मनोरंजन के लिए विशेष रूप से ऊंट भी मंगाया है। क्षेत्रवासी मेले के दौरान ऊंट की सवारी का लुत्फ उठाएंगे।
सारस्कॉर्पियो से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल दो जीवित कछुए बरामद हुए। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे कछुओं से तंत्र कर धन प्राप्ति की आशा कर रहे थे। सभी आरोपी लांजी और किरनापुर क्षेत्र के निवासी हैं।
PrayagrajUSMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पति
लाइक कलेक्ट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवरPublished by:अलवर ब्यूरोUpdated Sat, 03 Jan 2026 03:57 PM IST
डिस्काउंट संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:01 PM IST
साइन अप पैसे, विस्तारFollow Usजिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।







