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💢विज़िट वॉच💢विस्तारFollow Usचंडीगढ़ में मंगलवार को घनी धुंध के साथ दिन निकला। ठंड रिकाॅर्ड तोड़ने लगी है। सोमवार को न्यूनतम पारा 3.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। सुबह के समय चंडीगढ़ में जबरदस्त धुंध रही। चंडीगढ़ में तीन वर्ष बाद ऐसी स्थिति बनी है कि 12 जनवरी को पारा 3.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया वहीं, अधिकतम तापमान 14.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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मासिक विन, बुरहानपुर में सफाई-मित्र सम्मान समारोह एवं क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। खास बात यह रही किइस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद बुराहनपुर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस सहित महापौर माधुरी पटेल ने सफाई मित्रों के पैर धोए, और उन पर फूल बरसाकर उपहार स्वरूप उन्हें स्टील के बर्तन भी भेंट किए। यही नहीं, उपहार के साथ उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। इसके बाद उपहार और सम्मान पाकर वे सभी सफाई मित्र खुशी से झूम उठे।
विस्तारFollow Usबुरहानपुर जिले में हुई महिला की जघन्य हत्या के बाद गुरुवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हिंदू संगठनों ने शहर बंद रखा और हत्यारे को कड़ी सजा देने की मांग की। गुरुवार देर शाम जिले के प्रभारी और प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस और नेपानगर विधायक मंजू दादू सहित प्रशासनिक अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। मंत्री सिलावट ने परिवार को सांत्वना देते हुए प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है, आरोपी को ऐसी सजा दी जाएगी कि भविष्य में कोई भी अपराधी ऐसा अपराध करने की हिम्मत न कर सके। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से मृतका के बच्चों के लिए 10 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत करने की जानकारी भी दी।
सुरेश अग्रवाल हमले मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा- फोटो : अमर उजाला
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छोटा पॉइंट्स अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Thu, 06 Nov 2025 02:47 PM IST
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
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