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💢ईज़ी💢सारसूत्रों के मुताबिक आरोपी ने रकम जुए में गंवाई हो सकती है। पुलिस द्वारा जुएबाज की लग्जरी कार की नीलामी कर नुकसान की भरपाई करने की चर्चा है, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।
️इनवाइट मोबाइल,बारां जिले के छबड़ा में विद्युत विभाग के एक कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) द्वारा किसान के साथ मारपीट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो आज सुबह का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, नया गांव निवासी किसान धीरप सिंह लोधा ट्रांसफार्मर के लिए इंडेन लेने विद्युत कार्यालय गए थे।
सारजिला चिकित्सालय में 75 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिसमें 25 पुरानी बिल्डिंग में तथा 50 नए भवन में लगाए गए हैं। इनकी तस्वीरों की गुणवत्ता बहुत खराब है। इस वजह से आऱोपियों की पहचान नहीं हो पा रही है।
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बारां जिला कलेक्टर के आधिकारिक ईमेल आईडी पर कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एहतियातन पूरे जिला कलेक्ट्रेट परिसर को तुरंत खाली करवा दिया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
विस्तारFollow Usआगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर घाटीगांव सिमरिया मोड़ पर कूनो से भागे दो चीतों में से एक चीते की मौत हो गई। जंगल से निकलकर जब सड़क पर चीता आया तो तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे कुचल दिया। दूसरे चीते की तलाश की जा रही है। सूचना मिलते ही घाटीगांव थाना पुलिस और वन विभाग के अफसरों ने घटनास्थल को निगरानी में ले लिया है। कूनो के अफसर भी स्पॉट पर पहुंच गए हैं। चीते के शव को कूनो पहुंचाया जा रहा है, जहां एक्सपर्ट्स का पैनल पोस्टमॉर्टम करेगा।
स्टूडेंट टास्क,
मासिक कैश विस्तारFollow Usजिन मरीजों के दिल में माइट्रल वॉल्व लीकेज होता है, उनके लिए ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (TEER) प्रोसीजर एक बेहतर विकल्प हो सकता है। TEER कम से कम चीरा लगाकर (इनवेसिव) उपचार का तरीका है। यह उन मरीजों के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है, जो माइट्रल वॉल्व लीकेज (Mitral Valve Leakage) के गंभीर मामलों में सर्जरी के लिए उच्च जोखिम वाले माने जाते हैं। यह मौजूदा समय में माइट्रल वॉल्व लीकेज के लिए इलाज की सबसे उन्नत तकनीक मानी जाती है।
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़Published by:चमन शर्माUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:54 PM IST
इंस्टेंट, सारसीबीआई कोलकाता की आर्थिक अपराध शाखा ने नाबार्ड भोपाल से एग्रो क्लस्टर के नाम पर 13.99 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों ने फर्जी एग्रीमेंट कर लोन राशि की हेराफेरी की। परियोजना पूरी न होने पर खाता एनपीए घोषित हुआ।







