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💢सुपर डिपॉजिट💢विस्तारFollow Usअंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र में एक 48 वर्षीय व्यक्ति, बबलू मंडल, की चाकू मारकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक युवती को हिरासत में लिया है, जबकि दो अन्य युवक अभी भी फरार हैं।
️अर्न शेयर,अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।Published by:अमन विश्वकर्माUpdated Tue, 13 Jan 2026 06:30 AM IST
सिल्वर कूपन, रामनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सोमवार को स्थानीय यूनियन इंटर कॉलेज में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि पूरे देश में पंच परिवर्तन को लेकर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। संघ वह महाशक्ति है जिनके कार्यकर्ता अपना घर परिवार व सुख-सुविधा छोड़कर राष्ट्र की सेवा में चिंतनशील रहते हैं।
अल्मोड़ा में सूर्य पर्व मेला समिति की ओर से पौष माह के अंतिम रविवार को विकासखंड हवालबाग के कटारमल स्थित सूर्य मंदिर में 19वां सूर्य पर्व मेला आयोजित हुआ। लोगों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान सूर्य से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
अयोध्या। रामनगरी एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ सकती है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दूसरी बार अयोध्या आने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि रामलला के दर्शन के लिए आ रही एक संसदीय समिति के साथ राहुल गांधी भी अयोध्या पहुंच सकते हैं।
कमाई, भारत–नेपाल सीमा पर रुपईडीहा एसएसबी चेक पोस्ट के पास सोमवार को पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में लाल-नीली बत्ती व हुटर लगी इनोवा क्रिस्टा कार से नेपाल जाने की कोशिश कर रहे पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी स्वयं को सचिवालय का वरिष्ठ अधिकारी बताकर हाई-प्रोफाइल तरीके से सीमा पार करने का प्रयास कर रहे थे।
पैसे अर्न न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Thu, 23 Oct 2025 07:47 PM IST
डिपॉजिट, 1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।







