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💢वॉच विथड्रॉ💢सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें सालाना उर्स के अवसर पर शनिवार रात अजमेर स्थित दरगाह शरीफ में परंपरागत सालाना संदल की रस्म पूरे अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। उर्स की शुरुआत से एक दिन पूर्व निभाई जाने वाली इस विशेष रस्म में दरगाह के खादिम समुदाय के साथ देशभर से पहुंचे हजारों जायरीन शामिल हुए।
️सिल्वर विथड्रॉ,सारछत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के युवाओं के लिए एक बड़ी सौगात आई है। जिला प्रशासन अब प्रतिभाशाली युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग और कैरियर मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
विस्तारFollow Usअंधविश्वास की गिरफ्त में आकर धनवर्षा की उम्मीद में कछुओं से तांत्रिक क्रिया करने निकले 9 लोगों को लांजी वन विभाग ने दबोच लिया। टीम ने स्कॉर्पियो से दो जीवित कछुए बरामद किए, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल अत्यंत संरक्षित प्रजाति है।
कम्पलीट, वाराणसी ब्यूरोUpdated Thu, 08 Jan 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 29 Nov 2025 06:16 PM IST
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी स्कूल के सत्र 2026-27 में कक्षा एक, कक्षा छह और कक्षा नौ में प्रवेश के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 फरवरी तक है। लेट फाइन के साथ 22 फरवरी तक आवेदन स्वीकृत किए जाएंगे।
मध्यप्रदेश में ठंड और कोहरे का असर और गहरा होता जा रहा है। गुरुवार सुबह प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान लुढ़क गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।सीहोर, छिंदवाड़ा और मुरैना में हालात इतने सख्त रहे कि पौधों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं। ठंड का असर पढ़ाई पर भी पड़ा है। इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए आदेश जारी किए हैं कि अब आठवीं तक की कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से पहले नहीं लगेंगी।
इनवाइट टास्क, कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
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संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:38 PM IST
रजिस्टर, सारसंगम की रेती पर माघ मेले ने भव्य स्वरूप लेना शुरू कर दिया है। संगम तट पर हर दिन देश ही नहीं विदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे है। अध्यात्म और भक्ति से सराबोर माघ मेले में साधु-संत अलग-अलग भेषभूषा और बोली से चर्चा में हैं।







