ऑफर पैसे
पुराना लाइक
कूपन रजिस्टर, Inc
फ्रेंड्स सब्सक्राइब
💢कलेक्ट ट्रांसफर💢संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठीUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:39 AM IST
️मोबाइल गेम,विस्तारFollow Usगुजरात में शराब बिक्री पर प्रतिबंध होने के बावजूद वहां चोरी-छिपे अवैध शराब की सप्लाई लगातार जारी है। तस्कर इस काम के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में सामने आया, जहां पुलिस ने सेनेटरी नैपकिन के कार्टनों की आड़ में तस्करी कर ले जाई जा रही 50 कार्टन अवैध शराब जब्त की। इस कार्रवाई में एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। जब्त शराब की कीमत करीब 5 लाख 25 हजार रुपए आंकी गई है।
लाइक, राजस्थान के बाड़मेर जिले में कड़ाके की सर्दी के बावजूद पेयजल संकट गहराता जा रहा है। शिव विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से बनी पानी की समस्या को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी बुधवार को बाड़मेर जिला मुख्यालय पहुंचे और जलदाय विभाग कार्यालय में अधिकारियों के सामने धरने पर बैठ गए।
सारAzamgarh News:आजमगढ़ में युवती की लाश मिलने की सूचना पाकर माैके पर बरदह थाने की पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों और स्थानीय लोगों से जानकारी लेने के साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया।
अयोध्या। राम मंदिर परिसर व आस-पास के इलाकों में सुरक्षा व सतर्कता बढ़ा दी गई है। शुक्रवार को राम मंदिर परिसर में एक कश्मीरी नमाज पढ़ने के प्रयास में पकड़ा गया था, जिसके बाद पूरी अयोध्या में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। शुक्रवार रात राम मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने मंदिर परिसर के हर कोने को खंगाला और व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की।
पुराना साइन अप,
सुपर ऐप सारBalotra News:बालोतरा के जिला कलेक्टर सुशील कुमार ने जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड को देखते हुए PP+3 से कक्षा 8 तक के स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश को न मानने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्टूडेंट विथड्रॉ, हजपुरा (अंबेडकरनगर)। अकबरपुर क्षेत्र के कहरा सुलेमपुर गांव और आसपास के सात गांवों के लोगों के लिए वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या का समाधान होने जा रहा है। बदहाल रास्तों के कारण ग्रामीणों को एक किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी, जो खासकर बरसात के मौसम में और भी विकराल रूप ले लेती थी। जलभराव की स्थिति ऐसी हो जाती थी कि पैदल चलना भी दूभर हो जाता था, जिससे स्कूली बच्चों को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ता था।







