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💢रजिस्टर बोनस💢मेंहनगर। ब्लॉक के ग्राम पंचायत मानपुर निवासी और कार्यरत पंचायत सहायक के रूप में तैनात सरिता देवी को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीएलओ के रूप में तैनाती कर दी गई। उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। इस बाबत सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) श्रवण कुमार से बताया कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बूथ बढ़े हैं। बूथ पर पंचायत सहायक को बीएलओ के पद पर तैनाती के दौरान मोबाइल पर ओटीपी गई तो पूछे जाने पर पंचायत सहायक बोलीं नौकरी छोड़ दूंगी। बीएलओ पद का निर्वहन नहीं कर पाऊंगी। जिसे बहुत समझाने-बुझाने के बावजूद भी बुधवार को देर शाम नोटरी बयान हल्फी पेश किया है। जिसे लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है। संवाद
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सारBalotra News: बालोतरा जिले के समदड़ी क्षेत्र के मुथो के वेरा में रहने वाला महेंद्र माली पिछले करीब 35 वर्षों से मानसिक विक्षिप्तता के कारण बेड़ियों में जकड़ा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा।
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विस्तारFollow Usजिले से पिता-पुत्र संबंधों को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां 17 वर्षीय बेटे ने अपने ही पिता की चाकू मारकर हत्या कर दी। यह घटना अंता थाना क्षेत्र के धाकड़खेड़ी गांव में हुई। पुलिस के अनुसार नाबालिग शुक्रवार को स्कूल से अपने नाना के घर जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी पिता से मुलाकात हो गई। पुलिया के पास दोनों के बीच विवाद बढ़ा और गुस्से में बेटे ने पिता पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा लोक निर्माण विकास मंत्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में नगर पालिका अम्बिकापुर क्षेत्र के लिए 82 करोड़ 23 लाख 71 हजार रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का भव्य लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ।
सारपंजाब में पिछले आठ वर्षों के दौरान अमृतसर और जालंधर ने वायु गुणवत्ता सुधार में सबसे अधिक प्रगति की है।
इंस्टेंट, मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:17 AM IST
नया रिवॉर्ड्स अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 20 Dec 2025 05:29 PM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:31 PM IST
कम्पलीट, राजस्थान की माटी का कण-कण शौर्य और गौरवशाली इतिहास की गवाही देता है, लेकिन बानसूर विधानसभा क्षेत्र में यह गौरव आज अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। ग्राम हाजीपुर और बानसूर मुख्य कस्बे की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जो किले कभी सुरक्षा के अभेद्य कवच और राजपूताना आन-बान-शान के प्रतीक थे, वे आज सरकारी फाइलों में गुम होकर अपना अस्तित्व खो रहे हैं।







