ऐप
कूपन
विज़िट बोनस, Inc
इनवाइट ऐप
💢टास्क💢महराजगंज तराई। तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम परसपुर के पास शनिवार रात नहर कट गई। नहर का पानी भरने से 50 बीघे फसल डूब गई। खेतों में पानी भर जाने से सरसों, मटर, चना, मसूर व गेंहू को नुकसान हुआ है। नाराज किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बाद भी समस्या दूर नहीं कराई जा रही है। किसानों ने डीएम को प्रार्थना पत्र भेजकर फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने व नहर कटने की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
️छोटा डिस्काउंट,
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर- फोटो : अमर उजाला
ऑफर, बहराइच/पयागपुर। बसअड्डा बाजार में दो मासूम बेटियों के साथ तालाब में डूबकर जान देने वाली आशा की मौत अब केवल आत्महत्या का मामला नहीं, बल्कि यह एक संगीन घरेलू हिंसा और संदिग्ध हत्या के लिए मजबूर किए जाने का मामला बनता जा रहा है।
विस्तारFollow Usबालोद जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग 930 पर झलमला तिराहे में आज कांग्रेस पार्टी ने चक्काजाम किया। इस दौरान बालोद से दुर्ग, भिलाई, रायपुर और धमतरी की ओर जाने वाला हाईवे घंटों तक जाम रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों को अन्नदाता कहने के बजाय उन्हें चोर बता रहा है और उनके घरों में लगातार छापेमारी की जा रही है।
सारकपकोट में गैरखेत–लखमारा सड़क का निर्माण कार्य तीन साल से ठप होने पर ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक कार्यालय के सामने धरना देकर एक महीने में काम शुरू करने की मांग की।
सारपुलिस ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, जीतू पटवारी और अन्य नेताओं के काफिले को कई जगह रोका। सत्याग्रह के अंत में मंच से पटवारी समेत सभी को गिरफ्तार करने की घोषणा की गई, लेकिन तत्काल रिहा भी कर दिया गया। यह विरोध अशोकनगर निवासी गजराज लोधी प्रकरण को लेकर हो रहा है, जिसमें जीतू पटवारी पर बहकाने का आरोप लगाकर FIR दर्ज की गई थी।
लॉग इन कलेक्ट, शहर के कंपनीबाग स्थित पार्क में शनिवार को निकली धूप में खेलते बच्चे।
सब्सक्राइब
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
छोटा ट्रांसफर, विस्तारFollow Usप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।







