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💢लॉग इन वेरिफाई💢'आजादी के आंदोलन में आदिवासियों का बड़ा योगदान रहा। प्रकृति की पूजा करने वाले आदिवासियों के कारण ही जल, जंगल और जमीन के साथ ही संस्कृति सुरक्षित है। राजस्थान सरकार आदिवासियों के कल्याण के लिए कृत संकल्पित है।' मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डूंगरपुर में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राज्य स्तरीय जनजाति गौरव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।
️विथड्रॉ,विस्तारFollow Usआजमगढ़ जिले में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। दोनों मुठभेड़ की घटनाएं तरवां थाना क्षेत्र और देवगांव कोतवाली क्षेत्र में हुईं। पुलिस की कार्रवाई में तीन बदमाशों को गोली लगी है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। घायल बदमाशों का इलाज कराया जा रहा है।
बड़ा ऑफर, संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकीUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:20 AM IST
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
इनाम कूपन, 32-भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के आगमन पर रुदौली में कार्यक्रम की प्रस्तुति देतीं कलाकार।-संवाद
पुराना ऐप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Sat, 03 Jan 2026 07:26 AM IST
विस्तारFollow Usमहाकुंभ की तरह माघ मेला श्रद्धा के साथ ही व्यापार का भी बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। संगम तट पर लगने वाला यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि इससे स्थानीय और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी व्यापक संबल मिलता है।
शेयर फ्रेंड्स, विस्तारFollow Us73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।







