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💢मेगा रिसीव💢प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर सोमवार को कलेक्टर रणबीर शर्मा ने नवागढ़ जनपद पंचायत सभागृह में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, पंचायत स्तर की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था और आमजन की सुविधा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने बताया कि यहां 26 से 28 दिसंबर तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम होंगे। इनमें सांस्कृतिक गतिविधियां, आध्यात्मिक सभा, सतनाम सेवा शिविर, जनजागरण कार्यक्रम और सामाजिक एकता पर आधारित विशेष आयोजन शामिल होंगे।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Wed, 24 Dec 2025 07:28 AM IST
टास्क, मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय कला परंपरा ने एक बार फिर देश में अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। पारंपरिक भरेवा धातु शिल्प कला को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने के साथ ही बैतूल जिले के प्रसिद्ध भरेवा शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया। हाल ही में भरेवा शिल्प को जीआई टैग भी प्राप्त हुआ है, जिससे इसकी सांस्कृतिक और आर्थिक महत्ता और बढ़ गई है। सम्मान समारोह में केन्द्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी उपस्थित थे।
बीकानेर में नाल सिविल एयरपोर्ट पर शनिवार रात उस समय अफरातफरी मच गई, जब दिल्ली जाने वाली फ्लाइट के लिए चेक-इन कर रहे एक फ्रांसीसी दंपति के बैग से जानवर की खोपड़ी जैसी दिखने वाली संदिग्ध वस्तु बरामद हुई। एयरपोर्ट प्रशासन ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद दोनों पर्यटकों को हिरासत में लिया गया।
चंडीगढ़। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने सुभाष चन्द्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह वार्षिक पुरस्कार आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों के अमूल्य योगदान व निस्वार्थ सेवा को सम्मानित करने के उद्देश्य से दिया जाता है। पुरस्कार की घोषणा हर साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर की जाती है।
रजिस्टर, राजस्थान की लोक परंपराएं अपने संवेदनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक स्नेह के लिए जानी जाती हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक है ‘मायरा’, जिसमें भाई अपनी बहन के बच्चों की शादी में प्रेम, आदर और समर्पण के भाव से उपहार, वस्त्र और धन लेकर पहुंचते हैं। इस परंपरा की झलक बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र के सीनियाला गांव में देखने को मिली, जहां भाइयों ने मायरे में ऐसा योगदान दिया कि यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
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गोल्ड कम्पलीट, शादी समारोह में फायरिंग करते युवक।- फोटो : अमर उजाला







