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💢अतिरिक्त विन💢अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:47 AM IST
️कूपन,विस्तारFollow Usएशिया की सबसे बड़ी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज पिछले कुछ अरसे से सेना के वाहनों से पेट्रोल-डीजल चोरी हो रहे हैं। इस रेंज पर सेना युद्धाभ्यास करती है। लेकिन रेंज के एक बड़े हिस्से पर आज भी ग्रामीण काबिज हैं। ऐसे में सेना ने रेंज से सटे करीब 40 गांवों को चेतावनी पत्र जारी किया है कि रेंज में कोई व्यक्ति अवैध रूप से प्रवेश करता है तो उसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही सेना ने पत्र में यह भी कहा है कि रेंज में तैनात संतरी अब हथियार के साथ रहेंगे। यदि कोई व्यक्ति इसमें अनाधिकृत रूप से प्रवेश करता है तो संतरी हथियार का इस्तेमाल कर सकते हैं। सेना ने गांवों के सरपंचों से अनुरोध है किया है कि वे अपने गांव के लोगो को इस पत्र के बारे मे अवगत करावे अगर किसी के साथ भी ऐसी घटना घटती हे तो वह व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज की कोई ज़िम्मेदारी नही होगी
साररविवार को छतरपुर शहर में सीजन का पहला घना कोहरा छाया, जिससे सुबह 9 बजे तक यातायात प्रभावित रहा। दुर्घटनाओं से बचाव के लिए एसपी अगम जैन ने एडवाइजरी जारी कर धीमी गति, लो-बीम हेडलाइट और मौसम जांचकर यात्रा करने की अपील की।
बड़ा सर्वे, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Sat, 29 Nov 2025 01:08 PM IST
बैतूल जिले में पुलिस ने अवैध ऑनलाइन बेटिंग और साइबर ठगी चलाने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए 9.84 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का बड़ा मामला पकड़ा है। जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क दुबई से संचालित होता था और भारत में इसके लिए स्थानीय एजेंट काम कर रहे थे।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:11 PM IST
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Mon, 12 Jan 2026 06:21 PM IST
फ्री, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
इनाम डिपॉजिट मंदिर में 14 सयाने, जनप्रतिनिधि, भक्तगण और आचार्य गौड़ ब्राह्मण होंगे शामिल
विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ की जनजातीय पहचान, लोक संस्कृति और परंपराओं का सबसे बड़ा उत्सव 'बस्तर पंडुम' इस वर्ष 10 जनवरी 2026 से पूरे उत्साह और गरिमा के साथ प्रारंभ होने जा रहा है। यह आयोजन बस्तर अंचल की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, रहन-सहन, लोककला, पारंपरिक खान-पान, वेशभूषा, गीत-संगीत और नृत्य परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत करने का अनूठा प्रयास है।
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