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💢वीडियो क्लिक💢ग्वालियर के घाटीगांव में दिखे थे चीते।- फोटो : अमर उजाला
️प्लेटिनम वॉच,विस्तारFollow Usसरगुजा जिला के अमेरा कोल खदान के विस्तार को लेकर ग्रामीण उग्र हो गए हैं, सैकड़ों ग्रामीणों ने लाठी डंडे गुलेल और कुल्हाड़ी से लैस होकर पुलिस बल पर हमला कर दिया।ग्रामीणों ने पथराव भी किया जिसमें 40 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। जवाबी कार्रवाई में आंदोलनरत लगभग एक दर्जन ग्रामीण घायल हुए हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:17 PM IST
रजिस्टर साइन अप,
सारबालोद में ससुराल वालों से तंग आकर एक शख्स पानी की टंकी पर चढ़ गया। ग्रामीणों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शख्स को घंटों समझाया। इसके बाद रेस्क्यू टीम टंकी पर चढ़ी।
73 वर्ष बाद सरगुजा में पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 नवंबर को आगमन होगा। द्रौपदी मुर्मू पहली महिला राष्ट्रपति है जो सरगुजा जिला के अंबिकापुर आएंगी। इसके पूर्व 1952 में प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पंडों जनजाति की दशा का प्रत्यक्ष अध्ययन करने पहुंचे थे सरगुजा के पंडों नगर पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा की स्मृति में आज भी सरगुजा में देश का एकमात्र ग्रामीण राष्ट्रपति भवन स्मारक मौजूद है।73 वर्ष बाद, सरगुजा एक बार फिर वही गौरवशाली क्षण जीने जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अंबिकापुर आगमन को लेकर उमंग और गर्व का वातावरण निर्मित है।जनजातीय समुदाय इस अवसर को अपने इतिहास और सम्मान से जुड़े नए अध्याय के रूप में देख रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि 1952 ने सरगुजा को राष्ट्रीय पहचान दी थी, और 2025 यह गौरव पुनः स्थापित करेगा।
क्लिक सर्वे, सारमध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित है। कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल आने वाली कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। खजुराहो प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे के बने रहने की संभावना जताई है।
गोल्ड रिवॉर्ड्स रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। तलाशी अभियान के दौरान खून से सने जूते और नक्सलियों का पिट्ठू बैग मिला है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मुठभेड़ में कोई नक्सली मारा गया या गंभीर रूप से घायल हुआ है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि 2-3 नवंबर की रात माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर हॉकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा और थाना पुलिस की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए जंगल में गई थी। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षाबलों ने भी आत्मरक्षा में गोलीबारी की।
इंस्टेंट कमेंट, अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:विजय पुंडीरUpdated Wed, 07 Jan 2026 09:40 AM IST







