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💢प्रीमियम गेम💢सारइंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों और राइस मिलर्स को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने मंडियों में लगने वाले शुल्क को आगामी एक वर्ष के लिए शून्य करने की घोषणा की।

️मासिक स्टूडेंट,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:आदित्य आनंदUpdated Sun, 04 Jan 2026 11:54 AM IST

मनीमाजरा। मौलीजागरां इलाके में रविवार रात उस समय तनाव फैल गया, जब कुछ लोगों ने पथराव कर मोहल्ले में खड़ी कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और जमकर तोड़फोड़ की। हालांकि शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह घटना किसी संगठित हमले के बजाय एक पारिवारिक विवाद से जुड़ी हुई थी। पथराव की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया।

साइन अप वीडियो, मध्यप्रदेश में बीते तीन दिनों से कोहरा और कड़ाके की ठंड ने पूरे प्रदेश को जकड़ रखा है। राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह 6 से 7 बजे के बीच दृश्यता घटकर महज 20 मीटर रह गई। हालात ऐसे रहे कि सुबह 11 बजे तक कोहरे की मोटी चादर शहर पर छाई रही। कोहरे और सर्द हवाओं ने दिन और रात के तापमान में गिरावट ला दी है। ठंड और घने कोहरे को देखते हुए प्रदेश के 21 जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं भोपाल, सीहोर और धार में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों की टाइमिंग बदलकर सुबह 9:30 बजे से कर दी गई है।

सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCWest Bengalबीवी ने मरवा डाला पतिकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरयूपीBihar Newsप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालविकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद

विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के बैतूल जिले के आमला विकासखंड से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपने तीन साल के मासूम बेटे की जान बचाने के लिए सब कुछ दांव पर लगा दिया। इलाज के लिए अपनी जमीन गिरवी रखी, चार अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन आखिर में किस्मत ने साथ नहीं दिया।

इनाम डिपॉजिट, उत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।

वेरिफाई कमेंट संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:04 PM IST

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Wed, 10 Dec 2025 09:57 PM IST

शेयर अर्न, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:भोपाल ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:27 AM IST

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