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️डिस्काउंट रिवॉर्ड्स,सारUP Weather News: अवध क्षेत्र में सुबह-सुबह सूर्यदेव की किरणों से ठंड भाग गई। दर्शन पाकर लोग निहाल हुए। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीत लहर के संकेत हैं। तराई क्षेत्र में घने कोहरे के आसार हैं। आगे पढ़ें ताजा अपडेट...
बड़ा गेट, राजस्थान में ट्रांस्पोर्ट विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार की कहानी आपको हैरान कर देगी। यहां परिवहन विभाग के अधिकारी गिरोह बनाकर वसूली का काम कर रहे हैं और वाहनों से अवैध वसूली के लिए दलालों के मार्फत कॉल सेंटर तक चला रहे हैं, जहां रिश्वत की राशि नकद के अलावा ऑनलाइन तक करने की सुविधा दी जा ही है। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार देर शाम परिवहन विभाग में फैले संगठित भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की। महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के निर्देशन में एसीबी की 12 टीमों ने अजमेर संभाग के ब्यावर, नसीराबाद, विजयनगर, केकड़ी, किशनगढ़ और अजमेर कार्यालयों से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों के 11 ठिकानों पर आकस्मिक सर्च ऑपरेशन चलाया ।
सारभाटापारा के अर्जुनी में शराब दुकान पर तय सीमा से अधिक बिक्री का मामला पकड़ा गया। पुलिस ने सेल्समैन को गिरफ्तार कर जांच शुरू की है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Tue, 04 Nov 2025 12:05 PM IST
ऑनलाइन, बांदा। इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों से भी जिम्मेदार सबक नहीं ले रहे हैं। जवाहर नगर के पास स्थित आसरा कॉलोनी के करीब 200 परिवार खारा व मटमैला पानी पी रहे हैं। कॉलोनी में पेट में जलन, दस्त व पेट फूलने जैसी शिकायतें आम हो गईं हैं। शुद्ध पेयजल आपूर्ति का दावा करने वाले सब कुछ जानते हुए भी चुप हैं। डेढ़ दशक पूर्व बनी पानी की टंकी की आजतक सफाई नहीं हुई। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि जिस बर्तन में पानी भर कर रख दो वह काला पड़ जाता है। दाल, सब्जी घंटों नहीं पकती। घर आने वाला मेहमान पानी पीते ही शौच के लिए भागता है।
ट्रांसफर आज भी गांव-कस्बों के लोग सड़क, पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और जब कभी सरकारी इंजीनियर या ठेकेदार विकास का चोला ओढ़कर गांव पहुंचते हैं तो वहां भी लूट-खसोट का खेल शुरू हो जाता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला बालोतरा जिले में सामने आया है, जहां ग्रामीणों का वर्षों का इंतजार एक रात की हेराफेरी में बदल गया।
अल्मोड़ा। जिले में नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में 50 ट्रैप कैमरे तेंदुओं की निगरानी कर रहे हैं। जबकि वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में तेंदुओं को पकड़ने के लिए 20 पिंजरे स्थापित किए गए हैं। बावजूद इसके लोगों को तेंदुओं की दहशत से निजात नहीं मिल पा रही हैं।
कूपन इंस्टेंट, गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:03 AM IST







