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💢अतिरिक्त फ्रेंड्स💢बागेश्वर। जिले में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए काउंसलिंग हो गई है। 118 पदों पर भर्ती प्रक्रिया के लिए 5764 आवेदन किए गए थे। काउंसलिंग के बाद 87 अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया है। फाइनल प्रक्रिया के बाद शिक्षकों को विद्यालय में तैनाती मिल जाएगी। सोमवार को खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग कराई गई। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 14 पद दिव्यांग शिक्षकों के लिए आरक्षित थे। इनमें केवल एक ही अभ्यर्थी काउंसलिंग के लिए पहुंचे थे। मेरिट के अनुसार अन्य 86 पदों पर अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है। प्रभारी सीईओ विनय कुमार ने बताया कि जल्द ही प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदों के सापेक्ष शिक्षक तैनात किए जाएंगे।
️वेरिफाई फ्रेंड्स,अमेठी। परिवहन निगम की ओर से जिले के यात्रियों को मुख्यमंत्री जनता सेवा योजना के तहत बड़ी सौगात मिली है। सोमवार को अमेठी डिपो परिसर में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने फीता काटकर पांच प्रमुख रूटों पर जनता सेवा बसों का विधिवत शुभारंभ किया।
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विस्तारFollow Usथाना भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र अंतर्गत बोरतरा फाटक के पास एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। जानकारी के अनुसार एक चरवाहा महिला अपनी बकरियों को चराकर घर लौट रही थी। तभी अचानक ट्रेन की चपेट में आ गई।
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:43 PM IST
डायमंड कमेंट, राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने बुधवार को विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से संबंधित साक्षात्कारों का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा–2024 के तृतीय चरण के साक्षात्कार 5 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर 15 जनवरी 2026 तक आयोजित किए जाएंगे।
फ्री ईज़ी संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:23 AM IST
बांदा। विकास खंड बडोखर की ग्राम पंचायत दुरेडी में मनरेगा के तहत कैटल शेड निर्माण के नाम पर सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना निर्माण कार्य कराए ही करीब डेढ़ लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस अनियमितता के उजागर होने के बाद उपायुक्त श्रमारोजगार ने ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवक से स्पष्टीकरण मांगा है।
साइन अप स्टूडेंट, सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।







