अर्न रजिस्टर
विथड्रॉ कलेक्ट
डायमंड कलेक्ट, Inc
क्लिक मोबाइल
💢ऑनलाइन अर्न💢संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीUpdated Sat, 10 Jan 2026 08:13 PM IST
️शेयर सर्वे,सारमोहाली फोर्टिस की महिला कर्मी को एएनटीएफ फिरोजपुर ने गिरफ्तार किया है। महिला की पहचान निशा रानी के तौर पर हुई है। उसके साथ एक व्यक्ति को भी पकड़ा है। दोनों से सिंथेटिक ड्रग्स मेथामफेटामाइन (आइस) मिली है।
इनवाइट कूपन,
TOP NewsBangladeshUSUttarakhandआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
राजस्थान के बीकानेर जिले में कक्षा 12 की एक छात्रा के अपहरण और चलती कार के अंदर सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस के अनुसार यह घटना 6 जनवरी को नापासर थाना क्षेत्र में हुई थी, हालांकि छात्रा के परिजनों की शिकायत के बाद 11 जनवरी को मामला दर्ज किया गया।
चंडीगढ़: सेक्टर 40/41 डिवाइडिंग रोड पर शनिवार रात करीब साढ़े 7 बजे तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रही 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि महिला बोनट से टकराकर उछलकर गिरी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक महिला की पहचान सेक्टर 40 सी निवासी सरबजीत कौर के रूप में हुई है।
मासिक लाइक, भिंड में एसडीएम के वाहन को रेत माफिया ने टक्कर मार दी- फोटो : सोशल मीडिया
बड़ा बोनस माओवादियों ने पहले से लगाए गए प्रेशर आईईडी विस्फोट में ग्राम कोरचोली निवासी एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सोमवार की सुबह लेंड्रा कोरचोली जंगल क्षेत्र में हुई।
कमेंट, राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







