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💢वॉच फ्री💢अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:44 AM IST
️गोल्ड टास्क,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:भीलवाड़ा ब्यूरोUpdated Mon, 03 Nov 2025 07:50 PM IST
सारBihar News:भागलपुर के घोघा में ईंट भट्ठा मालिक से दो लाख की रंगदारी मांगने पहुंचे कुख्यात टिभा मंडल को छीनाझपटी में उसके ही हथियार से चार गोलियां लगीं। हालत गंभीर, मायागंज से पटना रेफर।
कमाई, कर्णप्रयाग। सरकार जन जन के द्वार कार्यक्रम के तहत सिमली में ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी जताई। सेनू के प्रधान दर्शन सिंह ने शिकायत की ग्रामीणों की बिजली नहीं आने की शिकायत पर बिजली कर्मी समस्या निस्तारित करने के बजाए खंभे पर लट्ठ मारने की सलाह देते हैं।
विस्तारFollow Usआज शनिवार से बेमेतरा जिले में धान खरीदी का शुभारंभ हो गया है। खरीदी से जुड़े कर्मचारी बीते 10 दिन से हड़ताल में थे, लेकिन इनकी हड़ताल खत्म हो गई है। दरअसल, एक दिन पहले यानि शुक्रवार को सहकारी समिति कर्मचारी संघ जिला बेमेतरा, जो सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ पंजीयन से संबद्ध ने शाम 7 बजे बेमेतरा एसडीएम कार्यालय आयोजित बैठक बाद अपनी हड़ताल समाप्त करने की औपचारिक घोषणा कर दी।
विस्तारFollow Usबेमेतरा पुलिस ने गुरुवार को हत्या मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने आपसी विवाद के बाद एक युवक के ऊपर लोहे की रॉड से हमला किया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
रजिस्टर, भिंड जिले में मां ने नवजात की गला दबाकर हत्या कर दी। पति ने रोका तो उस पर भी हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया है। मालनपुर के वार्ड क्रमांक 14 में की है। आरोपी उषा बघेल के पति जगन्नाथ सिंह बघेल ने बताया कि पत्नी पिछले कुछ दिनों से उस पर शक करती थी और आए दिन विवाद करती थी। गुस्से में आकर उषा ने बेटे की जान ले ली। जगन्नाथ सिंह बघेल उत्तर प्रदेश के ललितपुर के लाधवारी महुआ खेरा का रहने वाला है। भिंड में रहकर मजदूरी करता है।
ट्रांसफर
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:14 PM IST
ईज़ी, विस्तारFollow Usगणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।







