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️सिल्वर विथड्रॉ,जलबेड़ा। विभाग की कृषि कल्याणकारी योजनाओं को देखते हुए किसानों का झुकाव मिश्रित खेती की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान में जलबेड़ा का किसान सुखमिंद्र सिंह मिश्रित खेती कर रहा है। उन्होंने बताया कि रबी के सीजन में 6 एकड़ सरसों की फसल लगाई है। जिसमें से चार एकड़ में पीली सरसों की सीधी बोआई की और दो एकड़ में मशीन से बैड बनाकर सरसों का अच्छी गुणवत्ता वाला बीज डाला। इसमें बरसीम की बिजाई भी की है। उन्होंने बताया कि विभाग की यह योजना कारगर सिद्ध हो रही है। सरसों पकने के बाद उनके पास बरसीम का बीज तैयार हो जाएगा। जिसका बाजार में रेट 100 से 120 रुपये प्रति किलो है। मिश्रित खेती से एकल फसल की अपेक्षा मुनाफा ज्यादा होता है।जलबेड़ा गांव में खेत में खड़ी सरसों व बरसीम की फसल। संवाद
इंस्टेंट, नवाबगंज। मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड और शीत लहर के कारण नगर पालिका में भी सफाई व्यवस्था बेपटरी हो रही है। पर्यवेक्षण के अभाव में 25 वार्डों के मोहल्लों में सफाई के लिए कर्मी कभी-कभी आ रहे हैं। जगह-जगह कूड़ों के ढेर और जलभराव की समस्या बनी हुई है। इससे 40 हजार की आबादी वाले कस्बे के लोगों को परेशानी हो रही है।
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वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:45 PM IST
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