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💢कूपन साइन अप💢चंडीगढ़ ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:40 AM IST
️सुपर रिवॉर्ड्स,भारत–यूके सैन्य अभ्यास ‘अजेया वारियर–25’- फोटो : अमर उजाला
सारसंत समाज और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विरोध के बाद अब कंप्यूटर बाबा ने भी इसका विरोध जताया है। भिंड में उन्होंने कहा कि रामलीला अध्यक्ष की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोजकों को पहले विचार करना चाहिए कि किसे कौन-सा किरदार दिया जाए।
सिल्वर इनाम, 😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
चंडीगढ़। सांस के गंभीर मरीजों के इलाज में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए पीजीआई ने स्वदेशी हाई-फ्लो नेजल कैनुला सिस्टम ट्रूऑक्सी प्लस के लिए क्लैरिटी मेडिकल प्राइवेट लिमिटेड, मोहाली के साथ ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (टीओटी) समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस पूरी तरह देश में विकसित की गई है और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए किफायती, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाला विकल्प उपलब्ध कराएगी।
चुराह (चंबा)। उपमंडल चुराह की ग्राम पंचायत ब्लंतर में बीते करीब छह महीनों से ट्रांसफार्मर खराब पड़ा हुआ है। इसके चलते चूंडी, खमवास, किड़वास, कलयोग और गुरासना गांवों के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विशेष फ्री, विस्तारFollow Usनारायणपुर–कोंडागांव मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर पूर्व केबिनेट मंत्री मोहन मरकाम ने साय सरकार पर तीखा हमला बोला है। जारी प्रेस नोट में उन्होंने कहा कि बीते करीब पाँच महीनों से इस मार्ग पर बस सेवा पूरी तरह बंद है, जिससे कोंडागांव और नारायणपुर के आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासनिक कार्यों और रोज़मर्रा की जरूरतों के लिए लोगों को आवाजाही करनी पड़ती है, लेकिन बस सेवा बंद होने से जिनके पास निजी साधन नहीं हैं, वे सबसे अधिक प्रभावित हैं।
ऑफर शेयर अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Tue, 11 Nov 2025 05:11 PM IST
विशेष रिसीव, विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







