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️सिल्वर इनाम,चरखी दादरी। दादरी जिले में भूजल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और इसके साथ ही पानी में फ्लोराइड व लवणीयता की मात्रा भी बढ़ चुकी है। हालात यह हैं कि जिले के बाढड़ा क्षेत्र को पहले डार्क जोन घोषित किया जा चुका है। हालांकि 2018 में किसानों की मांग और हल्के सुधार के साथ डार्क जोन से बाहर कर दिया था। पेयजल संकट इतना गहरा गया है कि अब शहर ही नहीं, गांवों में भी लोग आरओ और कैंपर से पानी खरीद कर पीने के लिए मजबूर हैं। बाढड़ा क्षेत्र में भूजल स्तर करीब 260 फीट नीचे पहुंच चुका है। लगातार दोहन और प्राकृतिक जल स्रोतों के खत्म होने से हालात और गंभीर हो गए हैं। दादरी जिले के अधिकतर क्षेत्रों में भूजल लवणीय और सोडिक पाया जा रहा है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। विशेषज्ञों के अनुसार फ्लोराइड युक्त पानी लंबे समय तक पीने से हड्डियों और दांतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के ग्रामीण अंचल से एक सनसनीखेज वारदात का मामला सामने आया। यहां के ग्राम नावरा में नेपानगर के रहने वाले युवक रईस ने देर रात में हुए विवाद के बाद एक युवती भाग्यश्री की बेरहमी से गला रेतकर हत्या कर दी गई। मामले की जानकारी लगते ही पुलिस तुरन्त मौके पर पहुंची। मामला दर्ज कर आरोपी युवक को नेपानगर से गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी रईस और युवती का लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी दोनों के परिजन सहित आसपास के लोगों को भी थी। इसी के साथ ही दोनों के बीच अक्सर छोटी छोटी बातों को लेकर भी विवाद होते रहता था। शुक्रवार देर रात भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी रईस ने खौफनाक वारदात को अंजाम देते हुए युवती की गला रेतकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।
साइन अप, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sat, 26 Jul 2025 10:42 PM IST
विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के बुराहनपुर शहर में देर रात गणेश प्रतिमा ले जा रहे एक युवक की प्रतिमा के नीचे दबने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब खंडवा के हाटकेश्वर गणेश मंडल से आये युवक गणेश प्रतिमा को लालबाग रोड से लेकर जा रहे थे। इस दौरान करीब 15 फिट ऊंची प्रतिमा को सड़क के गड्ढों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए रॉन्ग साइड से लेकर जाया जा रहा था। तभी तुलसी मॉल के पास सड़क में एक तरफ ढलान होने से भारी भरकम प्रतिमा पलट गई। इस दौरान प्रतिमा के साथ चल रहा खंडवा के नाई आवार क्षेत्र का युवक शशांक पिता प्रदीप जोशी उसके नीचे दब गया।
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उत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
कलेक्ट इनवाइट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 01 Sep 2025 12:12 PM IST







