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💢इंस्टेंट ऑनलाइन💢अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय की पुलिस लाइन में साप्ताहिक परेड का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा ने भी परेड में हिस्सा लिया और जवानों को दौड़ लगाकर फिट रहने के निर्देश दिए। शुक्रवार को कड़ाके की ठंड के बावजूद परेड मैदान में जवानों का जोश, अनुशासन और समर्पण देखने को मिला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जवानों की ड्रिल, टर्न-आउट, शारीरिक दक्षता और अनुशासन का निरीक्षण किया। जवानों को शस्त्रों का अभ्यास कराया गया। प्रतिसार निरीक्षक रमेश चंद्र को प्रगतिशील निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक हरबंस सिंह, सीओ गोपाल दत्त जोशी, सीओ विमल प्रसाद, मुख्य अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र सिंह कुंवर, सीओ पुलिस दूरसंचार राजीव कुमार टम्टा आदि मौजूद रहे।
️सब्सक्राइब सब्सक्राइब,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Mon, 24 Nov 2025 11:53 AM IST
बस्ती। कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को डीएम कृत्तिका ज्योत्सना ने एसआईआर को लेकर निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
डिपॉजिट, सारकेंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर फेसबुक पर टिप्पणी करने के आरोप में बालाघाट के राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक सुनील मेश्राम को निलंबित किया गया। प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की है। मामले को लेकर जिले में चर्चा जारी है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Tue, 04 Nov 2025 12:05 PM IST
चंदेरी में मदरसे से जुड़ी शिकायत करने वाले एक युवक के साथ सरेआम मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है।- फोटो : अमर उजाला
संवाद न्यूज एजेंसी, आगराUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:54 AM IST
वीआईपी स्टूडेंट, Tariff Threatईरान में कितना बड़ा हुआ आंदोलन?BiharBangladeshUttarakhandUSUP CrimeReal Madridकपसाड़ कांडआज के दिन
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बैरिया में हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ करते अतिथि। संवाद- फोटो : संवाद
ट्रांसफर, विस्तारFollow Usप्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव आजाद सिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्वतों की परिभाषा में हाल ही में किए गए बदलाव पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सदियों पुरानी अरावली पहाड़ियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राठौड़ के अनुसार अरावली केवल पहाड़ों की शृंखला नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिमी भारत की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।







