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💢विशेष कूपन💢भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ई-6 अरेरा कॉलोनी में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक अविवाहित था और करीब चार वर्षों से एक युवती के साथ संबंध में था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में प्रेम संबंध टूटने के बाद युवक के अवसाद में होने की बात सामने आई है।
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कंदरौर में गठित जांच समिति के समक्ष शिकायतकर्ता ने सौंपे आवेदन
इंस्टेंट ट्रांसफर, विस्तारFollow Usबिहार के शेखपुरा जिले में नल-जल योजना के तहत पंप ऑपरेटरों की बकाया मजदूरी रोकने वाले ठेकेदार के खिलाफ श्रम विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मजदूरी भुगतान में अनियमितता ठेकेदार को भारी पड़ गई। श्रम विभाग ने बकाया राशि के बदले दस गुना जुर्माना लगाते हुए भुगतान का आदेश दिया है। साथ ही, जिले के पीएचईडी विभाग से सभी ठेकेदारों और पंप ऑपरेटरों की सूची भी मांगी गई है।
2020 में दर्ज एक आपराधिक मामले में कोर्ट ने किया था भगोड़ा घोषित
वाराणसी ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 01:05 AM IST
राजधानी भोपाल के अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे से देशभर के 14 राज्यों में अलग-अलग तरह के वारदात को अंजाम देने के लिए आधा दर्जन गैंगों को संचालित करने वाला कुख्यात बदमाश राजू ईरानी उर्फ रहमान को भोपाल लाने के लिए पुलिस टीम सूरत में मौजूद है। रविवार देर रात तक उसे ट्रांजिट वारंट पर पुलिस भोपाल लाने की तैयारी में है। हालांकि रविवार को उसे सूरत की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा, इसके बाद ही आगे का निर्णय हो सकेगा।
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नया विन पटियाला में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गोल्डी ढिल्लों गैंग के दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इन आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की, तो इन्होंने पुलिस टीम पर ही गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों शूटर घायल हो गए हैं, जिन्हें पकड़ कर इलाज के लिए सरकारी राजिंदरा अस्पताल दाखिल कराया गया है। पुलिस ने मौके पर आरोपियों के पास से दो पिस्टल समेत तीन जिंदा कारतूस और सात खाली कारतूस बरामद किए हैं।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़Published by:निवेदिता वर्माUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:05 AM IST
मासिक अर्न, विस्तारFollow Usजोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल पर कथित हेट स्पीच का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी और पुलिस जांच की निगरानी समेत अन्य मांगें करते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि चल रही आपराधिक जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश दिया जा सकता है। इसके अलावा जांच के तरीके या वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी जैसे निर्देश देना आपराधिक जांच के माइक्रो मैनेजमेंट जैसा होगा, जो कोर्ट के दायरे में नहीं आता।







