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💢कमाई पैसे💢सारसरगुजा जिला स्थित माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा में लंबे समय से ठप पड़ी विमानन सेवाओं को पुनः प्रारंभ कराने की मांग को लेकर जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को एयरपोर्ट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
️डायमंड सब्सक्राइब,विस्तारFollow Usराजस्थान के नवनिर्मित जिले खैरथल-तिजारा के जिला कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक पीड़ित कर्मचारी ने व्यवस्था से तंग आकर विरोध का सबसे चरम रास्ता चुना। जब कलेक्ट्रेट में आम दिनों की तरह कामकाज चल रहा था, एक कर्मचारी अचानक मुख्य द्वार के पास पहुंचा और कड़ाके की ठंड के बावजूद अपने कपड़े उतारकर निर्वस्त्र हो गया।
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सारBanswara News: 1 नवंबर 1983 को इंदिरा गांधी द्वारा माही नहरों में जलप्रवाह शुरू होने के बाद बांसवाड़ा ने विकास की नई कहानी लिखी। कालापानी कहे जाने वाला यह इलाका आज हराभरा और आत्मनिर्भर बन चुका है, जहां कृषि, ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया।
अंबाला। छावनी की होलसेल फल एवं सब्जी मंडी इन दिनों बदहाल है। सब्जी मंडी के गेट नंबर दो पर सीवरेज का पानी जमा हो रहा है। मंडी में खरीदारी करने आने वाले लोगों को इस बदबूदार पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। समस्या की मुख्य जड़ लाल कुर्ती क्षेत्र का ब्लॉक सीवरेज है। करीब तीन महीने पहले लाल कुर्ती में गेट नंबर दो के पास नई सड़क बनाई गई थी। सड़क की ऊंचाई बढ़ने और मंडी के गेट का स्तर नीचे रहने के कारण अब सारा गंदा पानी वापस मंडी परिसर में जमा हो रहा है।
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत में जंगली जानवरों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। क्षेत्र में बंदरों से लोग परेशान हैं। बीते एक माह में बंदरों के हमलों में 25 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
नया रिसीव, बागेश्वर। ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले के लिए शिव की नगरी पूरी तरह सज-धजकर तैयार हो रही है। मेले की तैयारियां अब अपने अंतिम चरणों में हैं। नुमाइश मैदान में मेलार्थियों के आकर्षण का केंद्र रहने वाले झूलों और चरखों को स्थापित कर दिया गया है। नगर के पुलों को रंग-बिरंगी लाइटों की झालरों से जगमग किया गया है।
गेट विस्तारFollow Usजिले में छत्तीसगढ़ की सीमा को पार करते हुए छह दिनों से तीन हाथी जिले की सीमा में विचरण कर रहे हैं। लगातार यह क्षेत्र हाथियों का विचरण क्षेत्र बना हुआ है, जहां रह-रह कर हाथी पहुंचते रहते हैं। रात्रि के समय हाथी लगातार विचरण कर ग्रामीणों के घरों-फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। पूर्व में भी कई ग्रामीणों की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है। इससे डरे-सहमे ग्रामीण अब हाथियों से अपनी जान बचाने के लिए पेड़ पर आशियाना बना रखा है। दिन भर तो यह अपने घर में रहते हैं, लेकिन रात होते ही पेड़ में बनाए गए आश्रय स्थल पर हाथियों की निगरानी करते हुए अपनी जीवन रक्षा भी कर रहे हैं।
अमरोहा। वो सात थे और चाचा (राशिद) अकेले...बाइक से कार छू जाने भर के बदले सातों ऐसे टूटे कि देखते-देखते राशिद बेसुध होकर जमीन पर गिर गए। उन्हें बचाने की कोशिशें कामयाब न होती देख चाची (रुखसार) उनके आगे हाथ जोड़कर मिन्नतें करने लगीं, मासूम बच्चे गिड़गिड़ाते रहे मगर बेरहम हमलावरों को न बच्चों पर तरस आया और न रुखसार की रुलाई उन्हें पिघला सकी। राशिद को गिरा-गिरा कर तब तक लात-घूंसे बरसाए, जब तक वह दम तोड़ने की नौबत तक नहीं पहुंच गए।
प्रीमियम स्टूडेंट, एबीवीपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने माफी मांगकर छोड़ा- फोटो : अमर उजाला







