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💢कमाई💢विस्तारFollow Usराजद के सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह स्थानीय जनता के साथ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि अभी तक अमर उजाला नहीं करता है।
️गेट शेयर,Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
फल व्यवसायी की मौत ने पुलिस को उलझाया- फोटो : अमर उजाला
इनाम ईज़ी,
सारPraveen Togadia: भीलवाड़ा दौरे पर प्रवीण तोगड़िया ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया और बाबरी मस्जिद बयान को पब्लिसिटी स्टंट कहा। साथ ही उन्होंने हनुमान चालीसा को आध्यात्मिक व स्वास्थ्य लाभ का माध्यम बताया।
पंजाब में लोहड़ी की धूमHaryana Weatherनशा छुड़ाने के नाम पर लूटPhagwaraChandigarhरिकाॅर्डतोड़ ठंड से ठिठुरा चंडीगढ़PunjabChandigarh News
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ट्रांसफर कमेंट विस्तारFollow Usगणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल पर कथित हेट स्पीच का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी और पुलिस जांच की निगरानी समेत अन्य मांगें करते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि चल रही आपराधिक जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश दिया जा सकता है। इसके अलावा जांच के तरीके या वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी जैसे निर्देश देना आपराधिक जांच के माइक्रो मैनेजमेंट जैसा होगा, जो कोर्ट के दायरे में नहीं आता।
वीआईपी डिपॉजिट, विस्तारFollow Usजाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।







