क्लिक रिसीव
वेरिफाई कैश
कूपन रिवॉर्ड्स, Inc
कैश कमाई
💢ट्रांसफर बोनस💢Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
️कूपन शेयर,संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:30 PM IST
श्रवणक्षेत्र (अंबेडकरनगर)। श्रवण धाम में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार 14 जनवरी को भंडारे का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। श्रवण धाम मंदिर के पुजारी बच्ची दास ने बताया कि मकर संक्रांति पर तीन वर्षों से लगातार भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी परंपरा के अनुरूप क्षेत्र और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर परिसर में चल रही श्रवण महोत्सव की तैयारियों के चलते इस बार भंडारे में सामान्य से अधिक भीड़ रहने की उम्मीद है। भंडारे के सफल आयोजन के लिए साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था और प्रसाद वितरण की समुचित योजना बनाई जा रही है।
इंस्टेंट, धूप निकलने के बाद सड़क पर बढ़ा आवागमन का दबाव। संवाद
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
TOP NewsBangladeshUSमंत्री विक्रमादित्य की फेसबुक पर टिप्पणीआज का शब्दDonald Trumpबर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीTariff ThreatMaharashtraसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल
बड़ा कम्पलीट, नाबालिग ने पिता की चाकू मारकर हत्या की- फोटो : अमर उजाला
डाउनलोड JF-17IranIran UnrestUS-Iran Newsईरान में कितना बड़ा हुआ आंदोलन?USIndia-Sri LankaIran ProtestsTariff ThreatBangladesh
सारBalotra News: सिणधरी थाना क्षेत्र के भाटा गांव की सरहद पर प्रेमी युगल ने संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। युवक के परिजन पहुंच गए और युवती के परिवार को सूचित कर दिया गया।
डाउनलोड रिसीव, बहराइच। तराई क्षेत्र में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। रविवार रात जिले भर में कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन खासा प्रभावित हुआ। करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली सर्द हवा ने ठिठुरन बढ़ा दी। ठिठुरन के चलते लोग अलाव का सहारा लोग लेने को मजबूर रहे।







