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इनाम ईज़ी
स्टूडेंट सर्वे, Inc
डायमंड बोनस
💢सर्वे💢गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:33 PM IST
️अतिरिक्त रजिस्टर,विस्तारFollow Usराजस्थान के बीकानेर में वैज्ञानिकों ने सर्पदंश के इलाज में एक बड़ी सफलता हासिल की है। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज की मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट और एम्स जोधपुर की संयुक्त टीम ने ऊंट के खून से एंटी-स्नेक वेनम तैयार करने में कामयाबी पाई है। यह नई दवा पारंपरिक घोड़े के खून से बने एंटी-वेनम की जगह ले सकती है, जो अक्सर एलर्जी और गंभीर रिएक्शन का कारण बनता है।
अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:34 AM IST
इनाम डिपॉजिट,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूलPublished by:बैतूल ब्यूरोUpdated Mon, 05 Jan 2026 10:12 PM IST
सारदोनों आईईडी प्रेशर मैकेनिज्म से लगाए गए थे। सुरक्षा बलों की सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई से माओवादियों की एक बड़ी साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया।
सारराष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा और सासाराम की विधायक स्नेहलता कुशवाहा बांका पहुंचे और नगर भवन में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन सह सम्मान मिलन समारोह में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
छोटा ट्रांसफर, सारसमरीबीजापुर के भोपालपटनम क्षेत्र में सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों ने माओवादियों द्वारा लगाया गया पांच किलो का आईईडी बरामद कर निष्क्रिय किया। मौके से विस्फोटक और माओवादी सामग्री से भरा डंप भी जब्त किया गया। सतर्कता से बड़ी साजिश टल गई।
लॉग इन ट्रांसफर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में सदर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सुंगल के पास नाकाबंदी के दौरान एक पुलिस और बिजली बोर्ड के कर्मी को 2.85 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) और 70,500 रुपये नकदी के साथ गिरफ्तार किया है। रविवार शाम सदर थाना पुलिस ने एसएचओ राजेश पराशर की अगुवाई में सुंगल के पास नाका लगाया। इसी दौरान कार नंबर एचपी-36ई-3132 नाके पर पहुंची। संदेह के आधार पर जब वाहन को रोककर तलाशी ली गई तो उसमें सवार दो व्यक्तियों के कब्जे से 2.85 ग्राम चिट्टा और 70,500 रुपये नकद बरामद किए गए।
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स्टूडेंट साइन अप, विस्तारFollow Usसुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद, सुदूर आदिवासी इलाकों में जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है। 21वीं सदी में भी, कागजों पर हाईटेक व्यवस्था के बावजूद, कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाएं आज भी खाट और कंधों के सहारे ही संचालित हो रही हैं।







