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💢डाउनलोड विन💢दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में अधोसंरचना विकास के तहत निपनिया-भाटापारा ट्रिपल लाइन सेक्शन में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य किया जा रहा है। यह कार्य 06 दिसम्बर 2025 को सुबह 10.00 बजे से 07 दिसम्बर 2025 को रात 22.00 बजे तक कुल 36 घंटे की अवधि में किया जाएगा। इस दौरान कई यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा।
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Budget 2026खुदरा महंगाई दर में उछाल'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'IND vs NZसीएम रेखा का बयानअंबरनाथ नगर परिषदIndia-US Tiesपीएम मोदी कार डिप्लोमेसीयूपीहोटल में ठहरे थे विधवा और उसका बॉयफ्रेंड
रिसीव इनवाइट, विस्तारFollow Usउत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपीरेरा) ने सोमवार को प्रदेश के छह जिलों में 4100 करोड़ रुपये के 12 रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन प्रोजेक्टों में 7100 से अधिक आवासीय और कॉमर्शियल इकाइयां बनेंगी। इनमें सबसे अधिक निवेश गौतमबुद्ध नगर में होगा। यहां के तीन प्रोजेक्ट में 2460 करोड़ रुपये का निवेश होगा। वहीं आगरा में भी 201 करोड़ के आवासीय प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है जिसमें 949 फ्लैट बनेंगे।
बेमेतरा जिले के बेरला ब्लॉक के ग्राम चेटुवा में गुरू अमरदास समाधि मंदिर में 2 से 4 जनवरी तक आयोजित तीन दिवसीय मेला शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समापन के अवसर पर रविवार देर रात मेला आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा एसएसपी बेमेतरा रामकृष्ण साहू समेत बेमेतरा पुलिस टीम की प्रशंसा की।
बाराबंकी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शनिवार को जनपद के बंकी ब्लॉक स्थित खसपरिया और निंदूरा ब्लॉक के खिंझना में भव्य हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया।
मेडिकल में छात्रा को देखने पहुचीं एएमयू कुलपति प्रो. नईमा खातून- फोटो : विवि
रिवॉर्ड्स, सारसरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित मां महामाया मंदिर परिसर में नए वर्ष के पहले दिन सुबह दीपक से आग लग गई। देखते ही देखते आग फैल गई, जिससे श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।
कमेंट जिला चिकित्सालय में हो रही चोरियां,सीसीटीवी हैं खराब
दैनिक अर्न, जिले में बीते तीन वर्षों में नाबालिग किशोरियों के अपहरण और गुमशुदगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रत्येक थाने में नाबालिग किशोरियों के लापता और अपहरण होने के दर्जनों मामले हर महीने पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मामले प्रेम प्रसंग से जुड़े हुए रहते हैं। इसके बाद परिजन और पुलिस दोनों ही इन्हें ढूंढने में परेशान हो रहे हैं। कम उम्र में मोबाइल और सोशल मीडिया के उपयोग से इस तरह के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस की जांच में भी इस बात की पुष्टि अभी तक दर्ज हुए मामलों से हुई है।







