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️रिवॉर्ड्स मोबाइल,अंबाला सिटी। फेडरेशन ऑफ सीनियर सिटीजन एवं पेंशनर्स एसोसिएशन की त्रिमासिक बैठक सोमवार को हुई। इसमें एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हरियाणा से समय देकर पेंशनरों की समस्याएं सुनने की मांग की।
सारबालोद जिले के डौंडीलोहारा शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा शिक्षक प्राचार्य के साथ काम नहीं करना चाह रहे, प्रशासन से लेकर मंत्री तक मामले की शिकायत हो चुकी है।
साप्ताहिक इनवाइट, अमर उजाला नेटवर्क, बालोदPublished by:Digvijay SinghUpdated Thu, 08 Jan 2026 03:43 PM IST
बांदा। बुंदेलखंड क्षेत्र में मत्स्य पालन को नई दिशा देने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। तालाबों में एरेशन सिस्टम की स्थापना से मछलियों के उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि की उम्मीद है। इस योजना के तहत मत्स्य पालकों को इस उन्नत तकनीक को अपनाने के लिए 80 प्रतिशत तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
सारछत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने आज को भगवान शिव की तपोभूमि एवं नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक पहुंचे। जहां मां नर्मदा के पावन शक्तिपीठ में दर्शन-पूजन किया। मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल पर उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां नर्मदा का आशीर्वाद लिया।
ऐप मोबाइल, विस्तारFollow Usकटंगी में रिटायर कर्मचारी और उनकी पत्नी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि परिवार के ही दो लोगों ने की। ये दोनों दंपती के भतीजा और पोता हैं। दोनों पर चार लाख रुपए का कर्ज था और सट्टे की लत में पैसा डूब गया था। पुलिस ने दुलीचंद हाके (41) और सचिन हाके (27) को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 1.85 लाख नकद और ज्वेलरी बरामद की गई है। मुख्य साजिश सचिन ने रची थी। बता दें कि 7 अक्टूबर की सुबह कटंगी वार्ड नंबर 2 में रिटायर्ड सिंचाई विभाग कर्मचारी रमेश हाके उनकी पत्नी पुष्पकला खून से लथपथ मिले थे। दूध वाला आया तो घटना का पता चला था।
साप्ताहिक रिवॉर्ड्स न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Tue, 11 Nov 2025 03:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:34 AM IST
शेयर, अमानीगंज। कहीं बोरे की कमी तो कहीं खरीदे गए धान का उठान नहीं होने से धान खरीद की रफ्तार सुस्त हो चुकी है। परेशान किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगाने को मजबूर है। धीमी खरीद का सीधा फायदा आढ़तियों और खुदरा व्यापारियों को पहुंच रहा है। वह किसानों से औने-पौने दामों पर खरीद कर क्रय केंद्रों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।







