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💢रिवॉर्ड्स ऑनलाइन💢अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहरPublished by:आकाश दुबेUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:22 PM IST
️दैनिक कमाई,सारमामले में मृतक के परिजनों ने संदिग्ध मौत की आशंका जताते हुए कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके पर जांच की है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस उसके हालिया व्यवहार और परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है।
सारनजीबाबाद की शिक्षिका को वीडियो कॉल के माध्यम से डराया गया। डिजिटल अरेस्ट करके खातों में रकम ट्रांसफर करा ली गई। पुलिस ने तीन आरोपी पकड़ लिए हैं, जबकि उनके दो साथी अभी फरार हैं।
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गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Mon, 29 Dec 2025 05:42 PM IST
विस्तारFollow Usजोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल पर कथित हेट स्पीच का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी और पुलिस जांच की निगरानी समेत अन्य मांगें करते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि चल रही आपराधिक जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश दिया जा सकता है। इसके अलावा जांच के तरीके या वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी जैसे निर्देश देना आपराधिक जांच के माइक्रो मैनेजमेंट जैसा होगा, जो कोर्ट के दायरे में नहीं आता।
मोबाइल गेट, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।
डिपॉजिट इंस्टेंट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sat, 01 Nov 2025 04:40 PM IST
पुलिस अधीक्षक बूंदी राजेन्द्र कुमार मीणा- फोटो : अमर उजाला
पॉइंट्स,







