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💢लॉग इन कूपन💢विस्तारFollow Usजिले के बमीठा थाना क्षेत्र में एनएच-39 पर ग्राम चुरारन के पास नीलम ढाबा के नजदीक एक नवजात बच्ची को जन्म के बाद शॉल में लपेटकर नाल सहित पुलिया के नीचे फेंक देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
️पैसे,😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
भीलवाड़ा जिले के सवाईपुर क्षेत्र के सालरिया गांव में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गांव में चंबल परियोजना की टंकी के पास पानी में एक नवजात बालक का शव उतराता मिला, जिसके साथ गोबर और कचरा भी बह रहा था। ग्रामीणों ने जैसे ही यह मंजर देखा, इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल फैल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।
प्रीमियम वीडियो, विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक नाबालिग के साथ स्कॉर्पियो में लिफ्ट देने के बहाने सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। घटना में प्रयुक्त वाहन को भी जब्त कर लिया है। वाहन चालक अभी फरार है, उसकी तलाश जारी है।
भिवानी। हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (एचपीएससी) द्वारा आयोजित अंग्रेजी के लेक्चरर भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों का रोष सोमवार को पंचकूला में लघु सचिवालय के बाहर सामने आया। अभ्यर्थियों ने सिर पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और उत्तरपुस्तिका की दोबारा जांच करवाने की मांग की।
हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में लागू की नई एसओपी
सारमोहाली फोर्टिस की महिला कर्मी को एएनटीएफ फिरोजपुर ने गिरफ्तार किया है। महिला की पहचान निशा रानी के तौर पर हुई है। उसके साथ एक व्यक्ति को भी पकड़ा है। दोनों से सिंथेटिक ड्रग्स मेथामफेटामाइन (आइस) मिली है।
बोनस मोबाइल, 350 रुपए की उधारी पर हत्या, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
लॉग इन रजिस्टर
गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:43 PM IST
गेट कमेंट, बीजापुर में कांग्रेस नेता विमल सुराना ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में बड़े बदलाव कर गरीबों के काम करने और मजदूरी पाने के अधिकार को छीनने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को काम की कानूनी गारंटी थी और मांग करने पर 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था। लेकिन अब यह अधिकार समाप्त हो गया है और सरकार की मर्जी से काम मिलेगा।







