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💢नया कलेक्ट💢सारBihar:शेखपुरा जिले में नल-जल योजना के तहत पंप ऑपरेटर को न्यूनतम मजदूरी नहीं देने पर श्रम विभाग ने ठेकेदार पर बड़ी कार्रवाई की है। बकाया 1.90 लाख रुपये के बदले दस गुना जुर्माना लगाते हुए 19.95 लाख रुपये भुगतान का आदेश दिया गया है।
️रिवॉर्ड्स,अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने भीलवाड़ा जिले के एकदिवसीय प्रवास के दौरान सोमवार को प्रेस से बातचीत की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को पूरी तरह सही प्रक्रिया बताया। तोगड़िया का कहना था कि लोकतंत्र की नींव एक शुद्ध और सही मतदाता सूची पर टिकी होती है और यदि यह प्रक्रिया ईमानदारी से की जाती है तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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चंडीगढ़। डॉ. रुपेश के सिंह को वर्ष 2025–26 के लिए पब्लिक रिलेशंस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीआरसीआई) चंडीगढ़ चैप्टर का सर्वसम्मति से चेयरमैन चुना गया है। इसके साथ ही वे लगातार तीसरे वर्ष इस पद पर बने रहेंगे। यह निर्णय यूटी गेस्ट हाउस में आयोजित पीआरसीआई चंडीगढ़ चैप्टर की वार्षिक आम बैठक में लिया गया।
बिहार में ठंड का कहर जारी है। सर्द हवा के कारण ठिठुरन लगातार बढ़ती ही जा रही है। न्यूनतम तापमान गिनकर छह डिग्री तक पहुंच गया है। आज मौसम विज्ञान केंद्र ने पटना और तिरहुत प्रमंडल में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुबह घने कोहरे के कारण राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, बांका, भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है।
बदायूं। किसानों ने खेतों के चारों ओर लोहे के तारों से तारबंदी की हुई है, कुछ ने तो अपने खेत की मेड़ों पर लोहे के टिनशेड भी लगा रखे हैं, बावजूद इसके छुट्टा पशु इन्हें तोड़कर खेतों में घुस फसल नष्ट कर जा रहे हैं। मजबूरी में किसानों को भीषण सर्दी में खेतों में घूमकर और मचानों पर जागकर पहरा देना पड़ रहा है। खेत की रखवाली के दौरान छुट्टा पशु हमलावर भी हो जाते हैं, ऐसे में उन्हें अपनी जान का भी खतरा रहता है।
ट्रांसफर, विस्तारFollow Usजाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।
डिपॉजिट अर्न सर्द रात में फसल की रखवाली करते किसान- फोटो : संवाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:आदित्य आनंदUpdated Wed, 31 Dec 2025 11:21 AM IST
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