Global
  • Global
  • Türkiye
  • Việt Nam
  • México
  • Perú
  • Colombia
  • Argentina
  • Brasil
  • India
  • ประเทศไทย
  • Indonesia
  • Malaysia
  • Philippines
  • 中國香港
  • 中國台灣
  • السعودية
  • مصر
  • پاکستان
  • Россия
  • 日本
Download

कैश डाउनलोड

विशेष फ्रेंड्स

स्टूडेंट इंस्टेंट

4.9 Version: V5.3.6

विथड्रॉ इंस्टेंट, Inc

वीआईपी वॉच

💢अतिरिक्त वेरिफाई💢

️शेयर सब्सक्राइब,

बीएलओ से कॉल रिक्वेस्ट दर्ज कराने के लिए- फोटो : मतदाता सेवा पोर्टल

लॉग इन, संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:33 PM IST

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Mon, 24 Nov 2025 04:58 PM IST

Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News

आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।

विशेष शेयर, विकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?अंबरनाथ नगर परिषदयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJagdeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'महारानी कामसुंदरी देवी को भतीजे ने दी मुखाग्नि

वीआईपी कम्पलीट विस्तारFollow Usजिले के किरनापुर विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला मेंढरा में बच्चों को पत्तों में मध्यान्ह भोजन परोसने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर मृणाल मीणा ने स्कूल के प्रभारी प्रधानपाठक सूर्यकांत कालबेले को शासकीय कर्तव्यों में गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय शासकीय प्राथमिक शाला छतरपुर, विकासखंड बैहर निर्धारित किया गया है।

आगरा। पैर रखने पर आरामदायक एहसास कराना ही आगरा के गलीचे (कारपेट) की खासियत है, लेकिन पारंगत कारीगरों और सब्सिडी की कमी से गलीचा कारोबार दम तोड़ रहा है। इसके बाद अमेरिकी टैरिफ ने कारोबार को और झटका दिया। उद्यमियों का कहना है कि कारीगरों के लिए एडवांस ट्रेनिंग सेंटर, सब्सिडी बढ़ाने और ओडीओपी में शामिल करने से गलीचा कारोबार को गति मिल सकती है।

विशेष क्लिक, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फरसाबहार को दी 40.89 करोड़ की विकास सौगात- फोटो : अमर उजाला

More Similar Apps

See All