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💢फ्रेंड्स सब्सक्राइब💢सारअनूपपुर के महाराजा मार्तंड महाविद्यालय में एबीवीपी छात्रों ने मूलभूत सुविधाओं की कमी और प्रिंसिपल की अनुपस्थिति को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने लापता प्रिंसिपल के पोस्टर लगाए और 13 सूत्री मांगें सौंपीं। स्पोर्ट्स टीचर पर दुर्व्यवहार व धमकी के गंभीर आरोप लगे। दबाव में प्रिंसिपल पहुंचे, आंदोलन समाप्त हुआ।
️प्लेटिनम सर्वे,सारअल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की कमी के बीच आठ असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती से चिकित्सा सेवाओं और मेडिकल छात्रों की पढ़ाई को राहत मिली है।
Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
साइन अप रिसीव, बहराइच। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला इस बार रविवार को निरीक्षण और परीक्षण के बीच आयोजित किया गया। सुबह से ही खिली सुनहरी धूप के कारण स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की संख्या पूर्व की अपेक्षा अधिक रही। मेले में पहुंचने वाले ज्यादातर मरीज बुखार, खांसी और चर्मरोग से पीड़ित रहे। जांच के दौरान सीएमओ ने फार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का वेतन रोक दिया है।
माघ मेले में आने वाले वाहनों के लिए प्रशासन ने निर्धारित किया स्थान।- फोटो : अमर उजाला।
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:विनोद सिंहUpdated Mon, 12 Jan 2026 06:54 PM IST
डिपॉजिट टास्क, संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइचUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:20 AM IST
विन डाउनलोड स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के टैक्निशियन के छात्रों ने एक्सरे, अल्ट्रासाउंड एमआरआई और पैथॉलाजी समेत सभी जांच को बंद कर दिया है। इसके कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों की हड़ताल रविवार शाम छह बजे से ही बंद है। छात्र शिवम रावत का आरोप है कि रविवार शाम को ड्यूटी समाप्त होने के बाद भी एक मरीज का एक्सर करने का दबाव बनाने लगे। मना करने पर मारा पीटा। आरोप है कि ड्यूटी का समय पूरा हो जाने के बाद भी छात्रों पर काम करने का दबाव बनाया गया। मना करने पर एक छात्र की पिटाई कर दी गई। दूसरे दिन सोमवार को भी हड़ताल जारी रही।
अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:06 PM IST
लाइक, अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर की बदहाल सड़क हादसों को दावत दे रही है। हालात ये है कि सड़क पूरी तरह गड्ढों से पट चुकी है। सुरक्षा दीवार भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। सड़क पर आवाजाही के दौरान अब तक कई छात्र- छात्राएं दोपहिया वाहनों के रपटने से चोटिल भी हो चुके हैं। बावजूद इसके सड़क को अब तक सुधारा नहीं जा सका है। इससे छात्र- छात्राओं में आक्रोश बढ़ गया है।







