विथड्रॉ डाउनलोड
कलेक्ट
प्रीमियम ऑफर, Inc
डाउनलोड विन
💢रिसीव💢कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
️सब्सक्राइब इंस्टेंट,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अररियाPublished by:पूर्णिया ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:09 PM IST
सारबीजापुर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों के माध्यम से अब तक 2540 किसानों से धान की खरीदी की जा चुकी है।
लॉग इन,
प्रदेश के सबसे बड़े संगठन, अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 29 से 31 दिसंबर तक तीन दिवसीय निश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। इस हड़ताल के समर्थन में बीजापुर के चारों विकासखंडों - बीजापुर, भैरमगढ़, भोपालपटनम और उसूर में कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाई। इस संबंध में एक मांग पत्र मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन और मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर बीजापुर के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर नारायण प्रसाद गबेल को सौंपा गया।
अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।
फ्रेंड्स डाउनलोड, कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
वेरिफाई बोनस दंपती शुभम और रोशनी का फाइल फोटो।- फोटो : अमर उजाला
बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई कंपकंपीPrayagrajUSविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीMaharashtraDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?
कमाई, सारपुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि ऐसे लोग जो जनता में भय का वातावरण पैदा करते हैं, चाहे वे कहीं भी छिपे हों, उन्हें आतंकवादियों की श्रेणी में रखा जाएगा और कानून के अंतर्गत उन पर सबसे कठोर कार्रवाई की जाएगी।







