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💢वेरिफाई डाउनलोड💢दिन पर दिन बढ़ते जा रहे साइबर ठगी के मामलों में इस बार ठग गलत शिकार चुन बैठा। भिंड जिले के ऊमरी थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह राजावत को एक साइबर ठग ने कॉल कर क्रेडिट कार्ड की वैलिडिटी अपडेट करने के बहाने फंसाने की कोशिश की। टीआई ने ठग की मंशा तुरंत भांप ली और उसे पकड़ने की योजना बना डाली।
️डिस्काउंट गेम,हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन इसके साथ ही बिजली बिलों का बकाया भी गंभीर संकट का रूप लेता जा रहा है। राज्य में लगभग हर चौथा बिजली उपभोक्ता डिफाल्टर की श्रेणी में आ चुका है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कुल 83.40 लाख से अधिक बिजली कनेक्शन हैं। इनमें से 22.50 लाख उपभोक्ताओं पर 7,742 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजली बिल बकाया है।
विस्तारFollow Usप्रसवोत्तर रक्तस्राव मातृ मृत्यु का बड़ा कारण बनता जा रहा है। वर्ष 2024-25 के दौरान पंजाब में 8.46% महिलाओं को प्रसवोत्तर रक्तस्राव के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी है। सूबे में प्रसवोत्तर रक्तस्राव के कारण मौतों का प्रतिशत राष्ट्रीय स्तर से कम है लेकिन फिर भी स्थिति चिंताजनक है।
विन ऐप, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:आदित्य आनंदUpdated Fri, 28 Nov 2025 08:30 AM IST
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 07:39 PM IST
फल व्यवसायी की मौत ने पुलिस को उलझाया- फोटो : अमर उजाला
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गेट, विस्तारFollow Usपटना सिटी के चौक थाना क्षेत्र अंतर्गत हीरानंद शाह गली के पास सोमवार दोपहर अपराधियों ने 18 वर्षीय युवक बिट्टू कुमार की चाकू मारकर हत्या कर दी। घटना में उसके साथ मौजूद ममेरा भाई राकेश कुमार भी चाकू के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया।
सब्सक्राइब विथड्रॉ विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के बैतूल जिले में कफ सिरप पीने से दो बच्चों की मौत के बाद अब एक और बच्चा जिंदगी की जंग लड़ रहा है। तीसरे बच्चे की किडनी पूरी तरह फेल हो गई हैं। वह इस समय नागपुर मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर सपोर्ट पर है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं के सेवन से बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़Published by:शाहिल शर्माUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:01 PM IST
दैनिक रिवॉर्ड्स, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।







