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💢लाइक💢विस्तारFollow Us1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
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बिशारतगंज। मझगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत किशनपुर जायदपुर में आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को वितरण को आया पोषाहार का चावल सोमवार तड़के बेचने को ले जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने हंगामा खड़ा कर दिया। चावल लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़कर पुलिस को सौंप दी।
इंस्टेंट वीडियो, विस्तारFollow Usबारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मंगलवार को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हो गया। मतदान के बाद अब मतदाताओं के साथ पूरे प्रदेश को परिणामों का बेसब्री से इंतजार है। अंता उपचुनाव में इस बार कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीयों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी ईवीएम को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है।
बाह। जैतपुर के चौरंगाबीहड़ गांव में खुरपका, मुंहपका की चपेट में आने से रीमा देवी एवं फूलमती की कई बकरियां बीमार हो गई हैं। एक बकरी मर भी गई थी। बकरियां चारा खा पा रही थी और न ही चल पा रही थी। सोमवार को पशुपालन विभाग की टीम चौरंगाबीहड़ गांव पहुंची। बीमार बकरियों का इलाज किया। बकरियां बांधे जाने वाले परिसर की सफाई रखने के लिए पशुपालकों को जागरूक किया। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवांगी उदैनिया ने बताया कि सोमवार को विभाग की टीम ने बीमार बकरियों का उपचार किया है। बचाव के लिए पशुपालकों को प्रेरित किया है।
सारबालोतरा जिले के गिड़ा थाना पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं को आहत करने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने के मामले में चार माह से फरार चल रहे वांटेड हिस्ट्रीशीटर केसाराम उर्फ केडी को गिरफ्तार किया है।
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक।- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुपर सर्वे,
ट्रांसफर ईज़ी बाह। जैतपुर के चौरंगाबीहड़ गांव में खुरपका, मुंहपका की चपेट में आने से रीमा देवी एवं फूलमती की कई बकरियां बीमार हो गई हैं। एक बकरी मर भी गई थी। बकरियां चारा खा पा रही थी और न ही चल पा रही थी। सोमवार को पशुपालन विभाग की टीम चौरंगाबीहड़ गांव पहुंची। बीमार बकरियों का इलाज किया। बकरियां बांधे जाने वाले परिसर की सफाई रखने के लिए पशुपालकों को जागरूक किया। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवांगी उदैनिया ने बताया कि सोमवार को विभाग की टीम ने बीमार बकरियों का उपचार किया है। बचाव के लिए पशुपालकों को प्रेरित किया है।
मुसाफिरखाना तहसील परिसर में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत : स्थानीय नागरिक
रजिस्टर ऐप, संवाद न्यूज एजेंसी, औरैयाUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:37 PM IST







